नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के बाद से भारतीय सर्राफा बाजार में हलचल का माहौल है। मंगलवार, 19 मई को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में कड़ाई से मजबूती देखी गई, जिसके चलते 10 ग्राम सोने का भाव उछलकर 1,59,496 रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। दूसरी ओर, चांदी के दामों में कड़ाई से 0.71 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे यह कीमती धातु फिलहाल 2,75,108 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर ट्रेड कर रही है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री की नीतिगत अपीलों के बाद सर्राफा बाजार में यह कूटनीतिक उतार-चढ़ाव निवेशकों के लिए एक बेहद संवेदनशील स्थिति पैदा कर रहा है।
वैश्विक स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में कड़ाई से अस्थिरता देखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार (COMEX) में सोने का भाव शुरुआती बढ़त के बाद 4.10 डॉलर की कूटनीतिक कमजोरी के साथ 4,553.90 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। वहीं, चांदी की स्थिति भी कुछ वैसी ही रही, जो शुरुआती बढ़त को कड़ाई से कायम नहीं रख सकी और 0.49 डॉलर गिरकर 76.95 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करने लगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में धातुओं के ये कड़े उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर घरेलू बाजार के समीकरणों को कड़ाई से प्रभावित कर रहे हैं, जिससे निवेशकों की चिंताएं कूटनीतिक रूप से बढ़ गई हैं।
बाजार के दिग्गज वित्तीय विशेषज्ञों ने निवेशकों को इस कड़े और अस्थिर दौर में अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि आने वाले कुछ दिनों तक सोने और चांदी की कीमतों में इसी तरह की कड़क उथल-पुथल लगातार बनी रह सकती है। ऐसे में बाजार में बिना पूरी तैयारी के निवेश करना निवेशकों के लिए एक दोधारी तलवार साबित हो सकता है। वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि सर्राफा बाजार में किसी भी बड़े कूटनीतिक निवेश निर्णय से पहले बाजार की चाल को कड़ाई से समझना और जोखिम प्रबंधन के सिद्धांतों का पालन करना ही सबसे सुरक्षित रणनीति होगी।

