सतना: जिला चिकित्सालय में एक गर्भवती महिला के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। पीड़िता ने रजिस्ट्रेशन काउंटर पर तैनात स्टाफ पर आरोप लगाया है कि उन्हें लंबे समय तक लाइन में खड़ा रखा गया, जबकि कर्मचारियों के परिचित लोगों की पर्चियां बिना इंतजार सीधे बनाई जाती रहीं। इतना ही नहीं आपत्ति जताने पर गर्भवती महिला के साथ बदसलूकी भी की गई।
मामले की लिखित शिकायत सिविल सर्जन को सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार नई बस्ती हनुमान नगर निवासी श्वेता चौधरी रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचीं। वह गर्भावस्था के आठवें माह में हैं। श्वेता का आरोप है कि रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मौजूद कर्मचारी नियमों को नजरअंदाज करते हुए अपने परिचितों को सीधे अंदर भेज रहे थे, जबकि अन्य मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा था।
महिला ने जब अपनी गर्भावस्था का हवाला देते हुए प्राथमिकता देने की बात कही तो वहां मौजूद महिला स्टाफ ने कथित तौर पर कहा, “तुम्हारा काम नहीं करेंगे, जो करना हो कर लो।” इस व्यवहार से पीड़िता मानसिक रूप से आहत हो गईं। उनका कहना है कि अस्पताल में उन्हें न तो बैठने की सुविधा दी गई और न ही किसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई गई।
शासकीय निर्देशों की अनदेखी
पीड़िता ने अस्पताल प्रबंधन पर शासन के निर्देशों की अनदेखी का आरोप लगाया है। सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को प्राथमिकता देने के स्पष्ट निर्देश हैं, लेकिन जिला अस्पताल में सामने आई इस घटना ने व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्वेता चौधरी ने सिविल सर्जन डॉ अमर सिंह को शिकायत पत्र सौंपते हुए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल में मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।
