नयी दिल्ली, 18 मई (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गैंगस्टर इकबाल मिर्ची और उसके परिवार के सदस्यों से जुड़े 700.27 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को कुर्क किया है।
ईडी के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय ने सोमवार को बताया कि कुर्क की गई इन संपत्तियों में मुंबई के वर्ली इलाके में स्थित तीन बेहद कीमती संपत्तियों राबिया मेंशन, मरियम लॉज और सी व्यू शामिल हैं, जिनकी कीमत लगभग 497 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही दुबई में मौजूद करीब 203.27 करोड़ रुपये की विदेशी संपत्तियों को भी कुर्क किया गया है।
ईडी ने इस मामले की जांच मुंबई पुलिस द्वारा इकबाल मोहम्मद मेमन उर्फ इकबाल मिर्ची के खिलाफ एम.आर.ए. मार्ग पुलिस स्टेशन सहित अन्य थानों में दर्ज कई प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी। मिर्ची के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), आर्म्स एक्ट, टाडा (TADA) और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज थे।
धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई जांच से पता चला है कि इकबाल मिर्ची कथित तौर पर मादक पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली, अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री और अन्य संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल था। इन अपराधों के जरिए उसने भारी मात्रा में अवैध धन की कमाई की और उसे अपने परिवार के सदस्यों, सहयोगियों और अपने नियंत्रण वाली कंपनियों के नाम पर भारत और विदेशों में संपत्तियां खरीदकर ठिकाने लगाया।
जांच में यह खुलासा हुआ कि मुंबई के वर्ली में स्थित ‘सर मोहम्मद यूसुफ ट्रस्ट’ की संपत्तियों को साल 1986 में मेसर्स रॉकसाइड एंटरप्राइजेज के जरिए 6.50 लाख रुपये में खरीदा गया था। हालांकि कागजों पर ये संपत्तियां लगातार ट्रस्ट के नाम पर ही बनी रहीं, लेकिन इनका वास्तविक मालिकाना हक और नियंत्रण कथित तौर पर इकबाल मिर्ची और उसके परिवार के पास ही था।
ईडी ने कहा कि उसकी जांच से यह साबित हुआ है कि ट्रस्ट ने इकबाल मिर्ची के साथ साजिश रचकर अदालत के सामने कथित तौर पर झूठे तथ्य पेश किए और मुख्य बातों को छुपाया, ताकि इन संपत्तियों को पहले की कुर्की की कार्रवाई से मुक्त कराया जा सके।
आगे की जांच में सामने आया कि इस अपराध की कमाई का इस्तेमाल विदेशों में संपत्ति खरीदने के लिए किया गया था। इसमें दुबई का होटल मिडवेस्ट अपार्टमेंट और दुबई के ही कॉरपोरेट बे तथा डीईसी टावर्स में स्थित 14 रियल एस्टेट इकाइयां शामिल हैं, जिन्हें आसिफ इकबाल मेमन और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदा गया था।
ईडी ने धन शोधन के इस कथित अपराध के लिए आसिफ इकबाल मेमन, जुनैद इकबाल मेमन, हाजरा इकबाल मेमन और अन्य के खिलाफ मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में एक आरोप पत्र और पूरक आरोप पत्र दाखिल की है।
विशेष अदालत पहले ही आसिफ इकबाल मेमन, जुनैद इकबाल मेमन और हाजरा इकबाल मेमन को भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओए), 2018 के प्रावधानों के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर चुकी है। उल्लेखनीय है कि 2013 में इकबाल मिर्ची की मौत लंदन में दिल का दौरा पड़ने से हो गयी थी।
इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है।
