गर्मी और लू से जनजीवन प्रभावित, बांदा देश में सबसे गर्म

लखनऊ, 18 मई (वार्ता) उत्तर प्रदेश समेत समूचे उत्तर भारत में प्रचंड गर्मी और लू के प्रकोप से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। मौसम विभाग ने 22 मई तक ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुये लोगों से एहतियात बरतने की अपील की है। इस अवधि में दिन के तापमान में बढ़ोत्तरी होने के साथ रात के तापमान में भी उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार सोमवार को उत्तर प्रदेश के बांदा में देश का सर्वाधिक तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि प्रयागराज 46.8 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। लगातार बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्र सबसे अधिक गर्म रहे। बांदा में सामान्य से 4.1 डिग्री अधिक 47.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। प्रयागराज में पारा 46.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 5.5 डिग्री अधिक रहा। वाराणसी बीएचयू में 45.0, वाराणसी एयरपोर्ट पर 44.5, फुर्सतगंज में 44.7, झांसी में 45.7, हमीरपुर में 45.6 और ओरई में 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। आगरा में 44.5 तथा बुलंदशहर में 45.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से क्रमशः 3.0 और 3.3 डिग्री अधिक रहा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में आसमान साफ रहने तथा 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर हीट वेव से लेकर गंभीर हीट वेव की स्थिति बनी रह सकती है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर गर्म रातें (वार्म नाइट) पड़ने की संभावना है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने और तेज गर्म हवाएं चलने के आसार हैं।

भीषण गर्मी के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर आने और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है।

मौसम विभाग ने नागरिकों से ‘मौसम’, ‘मेघदूत’ और ‘दामिनी’ मोबाइल ऐप का उपयोग कर मौसम संबंधी ताजा अपडेट और चेतावनी प्राप्त करने की अपील की है।

आईएमडी ने 18 से 22 मई तक प्रदेश के कई जिलों में लू और कहीं-कहीं अत्यधिक लू चलने की चेतावनी जारी की है। प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, झांसी, महोबा, जालौन और आगरा समेत कई जिलों में उष्ण लहर की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि दोपहर 11 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खेतों, निर्माण कार्य और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक बताया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुंचने पर हीट वेव की स्थिति मानी जाती है। सामान्य तापमान से 4.5 डिग्री से 6.4 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान होने पर लू तथा 6.4 डिग्री सेल्सियस से अधिक होने पर गंभीर लू घोषित की जाती है। वहीं 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक वास्तविक तापमान को भी हीट वेव की श्रेणी में रखा गया है।

आईएमडी ने चेतावनी दी है कि सामान्य लोगों के लिए गर्मी भले ही सीमित रूप से सहनीय हो, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए यह स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न कर सकती है। तेज गर्मी में मजदूरों, खेतों में काम करने वाले किसानों, खनन और औद्योगिक श्रमिकों में डिहाइड्रेशन और लू लगने का खतरा अधिक रहेगा।

मौसम विभाग ने सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है। लोगों से हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने, सिर को ढककर रखने और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने को कहा गया है। ओआरएस, लस्सी, छाछ, नींबू पानी और अन्य घरेलू पेय पदार्थों के सेवन पर जोर दिया गया है।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड पेय पदार्थ शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकते हैं, इसलिए इनसे बचना चाहिए। साथ ही भारी और बासी भोजन का सेवन भी नहीं करने की सलाह दी गई है।

किसानों को गन्ना, ग्रीष्मकालीन मक्का, दलहन और सब्जियों की सिंचाई जारी रखने की सलाह दी गई है। वहीं पशुपालकों से दोपहर के समय जानवरों को खुले में न छोड़ने और उन्हें छांव व पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने को कहा गया है।

मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि हीट स्ट्रोक, चक्कर आना, सिरदर्द, कमजोरी, अधिक पसीना, उल्टी और बेहोशी जैसे लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।

आईएमडी ने हीट वेव को लेकर ग्रीन, येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट की श्रेणियां निर्धारित की हैं। येलो अलर्ट का अर्थ है कि लू की स्थिति दो दिन तक बनी रह सकती है, जबकि रेड अलर्ट अत्यधिक गंभीर स्थिति को दर्शाता है, जिसमें लगातार कई दिनों तक भीषण लू चलने की संभावना रहती है।

 

 

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