
(विनय असाटी) दमोह। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सुभाष कॉलोनी दमोह में संचालित संजीवनी क्लीनिक में फर्जी एमबीबीएस डिग्री और रजिस्ट्रेशन के आधार पर नौकरी कर रहे दो फर्जी डॉक्टरों को दमोह पुलिस ने गिरफ्तार किया है और एक अन्य आरोपी को जबलपुर से अभिरक्षा में लिया गया है.पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी (आईपीएस) 16 मई को सीएमएचओ कार्यालय से जांच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ.जांच में सामने आया कि डॉ. कुमार सचिन यादव निवासी ग्वालियर व डॉ. राजपाल गौर निवासी सीहोर ने चयन प्रक्रिया में फर्जी व कूटरचित एमबीबीएस डिग्री, मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र व अन्य दस्तावेज लगाए थे.इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दोनों करीब एक वर्ष से संजीवनी क्लीनिक में नियुक्त थे. आरोपियों ने शासकीय संस्था को धोखा देकर अवैध लाभ प्राप्त किया और आम जनता के स्वास्थ्य व जीवन से गंभीर खिलवाड़ किया.मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के निर्देशन, अति. पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया व नगर पुलिस अधीक्षक एच.आर. पाण्डेय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक मनीष कुमार ने त्वरित कार्रवाई की.आरोपियों पर अप.क्र. 479/26 धारा 318(3), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस और अप.क्र. 480/26 धारा 318(3), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस पर मामला दर्ज हुआ है.
*एक अभिरक्षा में आरोपी*
पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी (आईपीएस) ने बताया कि डॉ. अजय मोर्य पिता मनीराम मोर्य, निवासी मुरैना, हाल चैरीताल जबलपुर आरोपी को जबलपुर संजीवनी अस्पताल में कार्यरत था.पूछताछ में पैसा लेकर फर्जी एमबीबीएस डिग्री, डॉक्टर रजिस्ट्रेशन और दस्तावेज उपलब्ध कराने वाले कई लोगों के नाम सामने आए हैं. पुलिस की टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं.फर्जी डिग्री के आधार पर राज्य स्तरीय संस्था के माध्यम से नियुक्ति कराना गंभीर विषय है. इसमें भोपाल स्तर की संस्थाओं की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है.
*सराहनीय भूमिका रही*
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष कुमार, उनि. नीतेश जैन, सउनि. रमाशंकर मिश्रा, प्रआर. सौरभ टंडन, प्रआर. राकेश अठ्या, प्रआर. हेमंत अवस्थी, प्रआर. अभिषेक चौबे, प्रआर. महेश यादव, प्रआर. अजीत दुबे, आरक्षक ओमप्रकाश रैकवार, आरक्षक ब्रजेन्द्र मिश्रा की सराहनीय भूमिका रही.
