90 डिग्री के अंधे मोड़ पर हुआ हादसा: प्याज से भरी गाड़ी पलटी, 3 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर घायल 

देवास/सोनकच्छ। पीपलरांवा थाना क्षेत्र के चौबाराधीरा रोड पर ग्राम बैराखेड़ी के पास 90 डिग्री के खतरनाक अंधे मोड़ पर रात 12 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। बैराखेड़ी फाटे से आ रही आयशर गाड़ी क्रमांक एमपी 09 जीजी 3681 अनियंत्रित होकर ग्राम बैराखेड़ी के मोड पर पलट गई। उसमें सवार 5 मजदूर प्याज की भारी बोरियों के नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन तेज रफ्तार में था। चौबाराधीरा रोड पर बैराखेड़ी के पास बने 90 डिग्री के अंधे मोड़ पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा, जिससे गाड़ी सड़क किनारे पलट गई। हादसे के तुरंत बाद चालक गाड़ी से कूदकर मौके से फरार हो गया।  जबकि मजदूर बोरियों के नीचे दबे तड़पते रहे।

घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 मौके पर पहुंची। इसके साथ ही ग्राम बैराखेड़ी के ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंचे और बिना देर किए राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह किए बिना प्याज की भारी बोरियों को हटाकर मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास किया।

ग्रामीण देर रात तक पुलिस के साथ मिलकर रेस्क्यू कार्य में जुटे रहे। सूचना मिलने पर पीपलरांवा थाना प्रभारी सुबोध गौतम व बालोन चौकी प्रभारी कपिल नरवरे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए पूरी टीम के साथ मोर्चा संभाला। पुलिस ने ग्रामीणों और जेसीबी मशीन की मदद से लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया गया। भारी मशक्कत के बाद दबे मजदूरों को बाहर निकाला गया। सभी घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल सोनकच्छ पहुंचाया गया। जहां उपचार के दौरान ओमप्रकाश पिता किशन मालवीय 23, विजेन पिता प्रहलाद परमार 26 व आकाश पिता भेरूलाल बगानिया 24 सभी निवासी बालोन की मौत हो गई। वहीं लाड़सिंह पिता बालकृष्ण 31 व अरुण पिता मानसिंह

गंभीर रूप से घायल हो गए है। जिनका उपचार हाईवे स्थित निजी अस्पताल में किया जा रहा है। बता दें कि, आकाश का 2025 में ही विवाह हुआ था व उसका 3 माह का एक लड़का है। ओमप्रकाश की एक माह पूर्व ही विवाह हुआ है। रविवार सुबह घटना की सूचना विधायक डॉ राजेश सोनकर को लगी तो उन्होंने तत्काल पुलिस विभाग व स्वास्थ्य विभाग को शवों का समय पर पोस्टमार्टम करने के निर्देश जारी किए। तीनों शवों का पीएम डॉक्टर रामराज द्वारा किया गया। जबकि डॉ अनिल राव सोनकच्छ में होने के बावजूद पीएम करने के लिए नहीं आएं जिसके कारण पीएम में देरी हुई। रामराज द्वारा देवास से दो शव वाहनों की व्यवस्था कर शवों को उनके गृहग्राम रवाना किया।

ग्रामीणों ने बताया कि बैराखेड़ी गांव के पास बना यह 90 डिग्री का अंधा मोड़ लंबे समय से हादसों का कारण बना हुआ है। इससे पहले भी यहां कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग द्वारा अब तक इस खतरनाक मोड़ पर कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। न तो पर्याप्त चेतावनी संकेतक लगाए गए हैं और न ही सुरक्षा रेलिंग या स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि लगातार हादसों के बाद भी प्रशासन और संबंधित विभाग ने इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल बड़े चेतावनी बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर और मजबूत सुरक्षा रेलिंग लगाने की मांग की है।

Next Post

बेकाबू ट्रैक्टर की टक्कर से बुजुर्ग की मौत, पत्नी गंभीर

Sun May 17 , 2026
रीवा। जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत महसांव भइया टोला बस्ती के पास एक दर्दनाक सडक़ हादसा हुआ. जहां एक अनियंत्रित ट्रैक्टर की टक्कर से ठेला चलाकर अपना जीवन-यापन करने वाले बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है. मिली […]

You May Like