एटीएफ दर घटाने से एयरलाइन्स को मिलेगी बड़ी राहत: रेखा गुप्ता

नयी दिल्ली, 16 मई (वार्ता) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को कहा कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर वैट दर को 25 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत करने से एयरलाइन्स को बड़ी राहत मिलेगी।

श्रीमती गुप्ता ने आज कहा कि हाल की वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों का उड्डयन क्षेत्र पर बढ़ते वित्तीय दबाव को देखते हुए दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर वैट दर को 25 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह रियायती दर प्रारंभिक तौर पर छह महीने की अवधि के लिए लागू की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के साथ-साथ आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखने, उड्डयन क्षेत्र को राहत देने, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को प्रोत्साहन देने तथा राष्ट्रीय राजधानी को देश के प्रमुख एविएशन एवं कनेक्टिविटी हब के रूप में मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से भी लिया गया है।

कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यद्यपि देश में वर्ष 2017 से जीएसटी व्यवस्था लागू है, लेकिन संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची में शामिल छह पेट्रोलियम उत्पादों, जिनमें एविएशन टर्बाइन फ्यूल भी शामिल है, पर अभी भी राज्यों को वैट लगाने का अधिकार प्राप्त है। यही कारण है कि एटीएफ अभी भी जीएसटी के दायरे से बाहर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एटीएफ पर वैट और केंद्रीय उत्पाद शुल्क का भुगतान एयरलाइन्स तेल कंपनियों से ईंधन खरीदते समय करती हैं। एयरलाइन्स की कुल परिचालन लागत में एटीएफ का हिस्सा लगभग 40 प्रतिशत तक होता है। ऐसे में ऊंची कर दरों का सीधा असर हवाई टिकटों की कीमतों और एविएशन सेक्टर की वित्तीय स्थिति पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में एटीएफ पर वैट से वर्ष 2025-26 में लगभग 1,368 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो दिल्ली सरकार के कुल वार्षिक वैट संग्रह का लगभग से 19 प्रतिशत है। इस कारण एटीएफ पर वैट दिल्ली सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत बना हुआ है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली एयरपोर्ट वर्तमान में देश का सबसे बड़ा एविएशन हब बना हुआ है। वर्ष 2024-25 में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगभग 8 करोड़ यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई, जो देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार उड्डयन, पर्यटन, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा राष्ट्रीय राजधानी को देश का सबसे मजबूत आर्थिक और कनेक्टिविटी केंद्र बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार का यह निर्णय फिलहाल छह माह तक रहेगा।

 

 

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