
सिंगरौली। भारत सरकार की मिनीरत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) द्वारा प्रथम चरण में गृहिणियों को बेसिक फर्स्ट-एड प्रशिक्षण देने के बाद ‘बेसिक फर्स्ट-एड ट्रेनिंग 2.0’ का शुभारंभ किया गया है। इस चरण के अंतर्गत एनसीएल पोषित स्कूलों के बच्चों में प्राथमिक उपचार के प्रति जागरूकता तथा आपातकालीन परिस्थितियों हेतु उन्हें सक्षम बनाने के उद्देश्य से प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण दिया जा रहा है |
इसी क्रम में एनसीएल की अमलोरी एवं बीना परियोजना में प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार के मूलभूत सिद्धांतों, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता, घायल व्यक्ति की देखभाल, सीपीआर एवं दैनिक जीवन में सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीएवी विद्यालय, बीना से 80 विद्यार्थी और डीएवी विद्यालय, अमलोरी से 82 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
गौरतलब है कि ‘बेसिक फर्स्ट-एड ट्रेनिंग 2.0’ के फेज -1 की शुरुआत में एनसीएल के 10 स्कूलों के 3200 बच्चों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पहल के तहत पहला कार्यक्रम खड़िया परियोजना के डीएवी विद्यालय में आयोजित किया गया, जिसमें दो बैचों में 155 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर जीवन रक्षक कौशल का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
