ट्रंप चीन दौरा रहा बेहद अहम, शी जिनपिंग संग मुलाकात को बताया ‘G-2’ मोमेंट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन दिवसीय चीन दौरे के बाद शी जिनपिंग के साथ अहम बैठक को ऐतिहासिक G-2 मोमेंट कहा है। 200 बोइंग डील और ताइवान पर चर्चा हुई।

ऐतिहासिक वैश्विक प्रभाव के साथ अमेरिका और चीन के रिश्तों में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपना तीन दिवसीय दौरा खत्म करके स्वदेश लौट आए हैं। उन्होंने स्वदेश लौटते ही अपने खास अंदाज में इस महत्वपूर्ण दौरे को बेहद सफल बताया है। मैरीलैंड पहुंचने पर ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति से हुई अपनी शानदार मुलाकात की काफी तारीफ की।

ट्रंप ने अपनी इस यात्रा को दुनिया के दो सबसे महान देशों की अहम मुलाकात कहा है। ट्रंप ने दुनिया को एक बड़ा कूटनीतिक संदेश देते हुए इस मुलाकात को ‘G-2’ मोमेंट का नाम दिया है। माना जा रहा है कि विश्व इतिहास में इस बैठक को बहुत अहम पल के तौर पर याद किया जाएगा। इस दौरान बड़े व्यापारिक समझौतों और ताइवान के जटिल मुद्दे पर भी गहराई से चर्चा हुई।

चीन खरीदेगा बोइंग विमान
ट्रंप की इस यात्रा के दौरान चीन ने अमेरिकी कंपनी बोइंग के साथ एक बड़ा व्यापारिक समझौता किया है। चीन ने तुरंत 200 बोइंग जेट विमान खरीदने पर अपनी सहमति जता दी है। इसके अलावा भविष्य में चीन 750 और विमान भी बोइंग कंपनी से खरीदेगा।

ट्रंप ने बताया कि इन बड़े व्यापारिक समझौतों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बहुत अधिक मजबूती मिलेगी। बोइंग विमानों के इस भारी-भरकम सौदे से अमेरिका के कृषि सेक्टर को भी बड़ा फायदा पहुंचने वाला है। दोनों देशों के बीच हुए इस समझौते को एक बड़ी व्यापारिक जीत माना जा रहा है।

ताइवान मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप का बयान
इस अहम दौरे के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ताइवान के जटिल मुद्दे पर भी खुलकर अपनी बात रखी है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जब तक वे राष्ट्रपति हैं, चीन ताइवान पर कोई आक्रामक कदम नहीं उठाएगा। उन्होंने कहा कि चीन केवल यह नहीं चाहता कि ताइवान खुद को पूरी तरह स्वतंत्र देश घोषित करे।

ट्रंप ने जोर देते हुए कहा कि वे चाहते हैं कि चीन शांत रहे और युद्ध की कोई स्थिति न बने। उन्होंने यह भी कहा कि उनके राष्ट्रपति पद से हटने के बाद की स्थिति के बारे में कुछ कहना अभी मुश्किल है। फिलहाल ताइवान के मामले में किसी तरह के सैन्य टेकओवर की आशंका से ट्रंप ने पूरी तरह इनकार किया है।

अमेरिकी मीडिया भी डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की इस बहुचर्चित मुलाकात पर लगातार गहराई से चर्चा कर रही है। ट्रंप के ‘G-2’ वाले बयान ने कूटनीतिक रूप से चीन को अमेरिका के बराबर एक बड़ी वैश्विक ताकत के तौर पर पेश किया है। इसे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एक पुरानी और बेहद सफल कूटनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप ने शी जिनपिंग को वॉशिंगटन का विशेष न्योता दिया
इस अहम बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के प्रति गहरी दोस्ती, सम्मान और साझेदारी का शानदार प्रदर्शन किया। इसी सकारात्मक माहौल के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने शी जिनपिंग को इस साल सितंबर में वॉशिंगटन आने का विशेष न्योता दिया है। आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच व्यापार और अन्य वैश्विक मुद्दों पर और भी बड़े संवाद देखने को मिल सकते हैं।

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