लखनऊ, 15 मई (वार्ता)। उत्तर प्रदेश में आगामी मानसून और संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए योगी सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के “जीरो जनहानि” और किसानों को न्यूनतम नुकसान पहुंचाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रदेश के सभी 18 मंडलों में 31 मई तक एकीकृत बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिए जाएंगे, जिन्हें एक जून से संचालित किया जाएगा। ये नियंत्रण कक्ष 15 जून से 15 अक्टूबर तक 24 घंटे सक्रिय रहेंगे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी, जलस्तर की रियल टाइम मॉनिटरिंग तथा आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
सूत्रों ने बताया कि इस वर्ष रिकॉर्ड गति से लगभग चार हजार किलोमीटर लंबे तटबंधों को सुरक्षित किया जा चुका है। नदियों और नालों के किनारे बसे गांवों तथा कृषि भूमि को कटान से बचाने के लिए 300 परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिन्हें 15 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। संवेदनशील एवं अति संवेदनशील स्थलों पर कटाव निरोधक कार्य भी तेजी से कराए जा रहे हैं। सुरक्षा के लिए नदी किनारों पर पत्थर की पिचिंग और जियो बैग्स का इस्तेमाल किया जा रहा है।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। विभाग के मुताबिक मार्च 2026 तक 16 हजार किलोमीटर से अधिक लंबाई में नालों की सिल्ट सफाई पूरी कर ली गई है। बारिश शुरू होने से पहले बाकी संवेदनशील स्थलों पर भी सफाई का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिससे भारी वर्षा के दौरान जल निकासी सुचारु बनी रहे और गांवों, बस्तियों तथा फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।
सामाजिक सहभागिता को भी बाढ़ प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में ‘बाढ़ सुरक्षा समितियों’ का गठन किया जा रहा है। इन समितियों में जूनियर इंजीनियर, ग्राम प्रधान, लेखपाल और स्थानीय नागरिकों को शामिल किया जा रहा है। इनकी जिम्मेदारी बाढ़ अथवा आपदा की स्थिति में तत्काल सूचना देना और राहत कार्यों में प्रशासन की सहायता करना होगी।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस बार मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम समय से पूरे किए जा रहे हैं, ताकि जनहानि और फसलों को होने वाले नुकसान को न्यूनतम स्तर पर रखा जा सके।
