तेहरान, 08 मार्च (वार्ता) ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी ने दावा किया है कि हालिया संघर्ष के दौरान कई अमेरिकी सैनिकों को ईरानी बलों ने बंदी बना लिया है और अमेरिका इस सच्चाई को छिपाने की कोशिश कर रहा है।
श्री लारिजानी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर रविवार को किये गये एक पोस्ट में कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कई अमेरिकी सैनिकों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी पक्ष उन्हें युद्ध में मारे जाने की बात कह रहा है, लेकिन यह सच्चाई ज्यादा समय तक छिपी नहीं रह सकेगी।
पिछले महीने के अंत से अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू किए जाने के बाद क्षेत्र में संघर्ष तेज हो गया है। इसके जवाब में ईरान की सशस्त्र सेनाओं, विशेष रूप से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कई संवेदनशील और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाते हुए सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से जवाबी हमले किये हैं।
इससे एक दिन पहले श्री लारिजानी ने चेतावनी दी थी कि अमेरिका की कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका को समझना चाहिए कि ईरान के सब्र को तोड़ने और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने के गंभीर परिणाम होंगे।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संकल्प के आधार पर ईरान अमेरिकी आक्रामकता का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ेगा और उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा।
शेरा लारिजानी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी बयानबाजी से यह स्पष्ट होता है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका की व्यापक रणनीति विफल रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान की शासन व्यवस्था को कमजोर करना और राष्ट्रीय एकता को तोड़ना था, लेकिन यह लक्ष्य हासिल नहीं हो सका।
