
जबलपुर। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया द्वारा जबलपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में नीट यूजी 2026 परीक्षा में सामने आए कथित पेपर लीक प्रकरण, राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली की विफलता और लाखों छात्रों के भविष्य के साथ हुए अन्याय का मुद्दा गंभीरता से उठाया गया। प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए एनएसयूआई जिला अध्यक्ष सचिन रजक ने कहा कि देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य लगातार भ्रष्ट एवं असुरक्षित परीक्षा तंत्र की भेंट चढ़ रहा है, लेकिन केंद्र सरकार जवाबदेही तय करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
नीट जैसी राष्ट्रीय परीक्षा केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के सपनों, संघर्षों और वर्षों की मेहनत का परिणाम होती है। गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवार अपनी जमा पूंजी, ऋण और जीवनभर की कमाई बच्चों की शिक्षा पर खर्च करते हैं। ऐसे में जब बार-बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आती हैं तो केवल परीक्षा की गोपनीयता नहीं टूटती, बल्कि छात्रों का आत्मविश्वास, मानसिक संतुलन और पूरे सिस्टम पर भरोसा भी टूट जाता है। प्रेसवार्ता में यह भी कहा गया कि लगातार पेपर लीक और परीक्षा विवादों के कारण छात्रों में तनाव, अवसाद, चिंता और मानसिक असुरक्षा की स्थिति बढ़ी है। लाखों छात्र वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं और जब परीक्षा प्रक्रिया ही संदिग्ध हो जाए तो यह युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है।
कुछ इस तरह की रखीं मांगें
एनएसयूआई ने मांग रखीं है जिनमें एनटीए को तत्काल भंग किया जाने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच हो, प्रभावित छात्रों को फ्री मानसिक स्वास्थ्य सहायता दी जाए शामिल हैं। प्रेसवार्ता में एनएसयूआई द्वारा स्पष्ट किया गया कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का प्रश्न है। संगठन द्वारा यह घोषणा की गई कि छात्रों को न्याय मिलने तक यह संघर्ष सड़क से लेकर संसद तक जारी रखा जाएगा। प्रेसवार्ता मे मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष सचिन रजक, प्रदेश उपाध्यक्ष अमित मिश्रा,प्रदेश सचिव अनुज यादव, मो एजाज, अभिनव मिश्रा, अचलनाथ चौधरी,सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
