विजय शर्मा, भोपाल। राजधानी भोपाल में नगर निगम सीमा क्षेत्र के अंतर्गत 11 मई से कुओं, बावड़ियों और तालाबों की सफाई अभियान की शुरुआत की गई है. अभियान के तहत सबसे पहले जोन-8 के नेहरू नगर क्षेत्र स्थित नवग्रह मंदिर के पास बने कुए की सफाई सोमवार और मंगलवार को कराई गई. हालांकि गुरुवार को मौके का निरीक्षण करने पर वहां की स्थिति अलग नजर आई. कुएं के आसपास कचरा फैला हुआ मिला, जबकि उसकी दीवार से सटाकर एक चाट विक्रेता द्वारा शेड बनाकर अतिक्रमण भी किया गया है.
कुएं के भीतर का दृश्य भी संतोषजनक नहीं दिखा. करीब 20 फीट नीचे पानी दिखाई दे रहा है, लेकिन उसके ऊपर गंदगी और कीचड़ की मोटी परत जमी हुई है. स्थिति ऐसी प्रतीत होती है कि पानी उपयोग योग्य नहीं रह गया है. कुएं में पानी सप्लाई के लिए मोटर भी लगी हुई है, जो चालू हालत में बताई जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर इसका उपयोग किया जा सकता है.
नगर निगम क्षेत्र में कुल 8 तालाब, 18 बावड़ियां और 53 कुए हैं, जिनकी सफाई, मरम्मत और पुनर्स्थापना पर करीब 37 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं. ऐसे में एक कुएं की मौजूदा स्थिति को देखकर अन्य जल स्रोतों की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
दरअसल, जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत भूजल स्तर को बढ़ाने और जल स्रोतों को संरक्षित करने के उद्देश्य से इन कुओं, बावड़ियों और तालाबों की सफाई व गहरीकरण किया जा रहा है, ताकि गिरते जल स्तर को रोका जा सके.
इनका कहना है
कुएं की हो चुकी है सफाई आप देख सकते हैं:
जोन आठ में जलकार्य विभाग के सब इंजीनियर गौरव परमार से बात की गई. उन्होंने बताया कि हमारे यहां पर कुए की सफाई चुकी है. और दूसरे कुए की तैयारी कर रहे हैं. आप अगर देखना चाहे तो देख सकते हैं. उसके बाद जब देखने गए तो ना वहां पर सुपरवाईजर मिला ना ही सबइंजीनियर. कुए में गंदगी भरी पड़ी है वहीं बाहर भी चारों तरफ कचरे ढेर लगा हुआ है.
सफाई अभियान: एक निरंतर प्रक्रिया
अभी सफाई की शुरूआत है अगर सफाई नहीं हुई है तो आगे चलकर हो जाएगी. अभी काफी समय तक अभियान चलेगा.
उदित गर्ग, प्रभारी जलकार्य, नगर निगम भोपाल
