सतना : घर में बेसुध होकर गिर पड़े वृद्ध मरीज को उपचार के लिए रामनगर सिविल अस्पताल ले जाया गया. जहां पर उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रारंभिक उपचार के बाद आनन-फानन में जिला चिकित्सालय सतना के लिए रवाना कर दिया गया. लेकिन अस्पताल की दहलीज पर पहुंचते ही एंबुलेंस का दरवाजा जाम हो गया. कड़ी मशक्कत करते हुए किसी तरह दरवाजा खोलकर जब मरीज को अंदर पहुंचाया गया तो ड्यूटी डॉक्टर द्वारा जांच करते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार मैहर जिले के रामनगर निवासी 67 वर्षीय वृद्ध राम प्रसाद रविवार की सुबह अपने घर के बाहर आग ताप रहे थे. बताया गया कि इसी दौरान वे अचानक ही बेसुध होकर गिर पड़े. यह देख परिजन उन्हें लेकर उपचार के लिए रामनगर स्थित सिविल अस्पताल पहुंचे. जहां पर जांच व उपचार कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि वृद्ध को हृदय घात हुआ है. उनकी हालत गंभीर है लिहाजा फौरन उन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय सतना के लिए रेफर कर दिया गया.
इसी कड़ी में वहां पर मौजूद 108 एंबुलेंस क्र. सीजी 4 एन एस 2488 में लादकर राम प्रताप को सतना के लिए रवाना कर दिया गया. जिला चिकित्सालय सतना के मुख्य दरवाजे पर एंबुलेंस के पहुंचने पर अंदर मौजूद परिजनों ने जब गेट खोलने का प्रयास किया गया तो वह खुला ही नहीं. जिसे देख एंबुलेंस चालक ने भी काफी प्रयास किया. दरवाजा जाम होता देख एंबुलेंस चालक खिडक़ी के रास्ते किसी तरह अंदर दाखिल हुआ. जिसके बाद एंबुलेंस के दरवाजे को पैर से धक्का मारते हुए किसी तरह खोला गया. बताया गया कि इस जद्दोजहत में लगभग 10 मिनट से अधिक का समय लग गए. एंबुलेंस का दरवाजा खोलने के बाद मरीज को अंदर ले जाया गया. जहां पर जांंच करने पर ड्यूटी डॉक्टर द्वारा उन्हें ब्रॉट डेड घोषित कर दिया गया.
व्यवस्था पर गंभीर सवाल
हलांकि इस बांत की संभावना जताई गई कि हृदय घात से पीडि़त मरीज का निधन अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में ही हो गया था. लेकिन व्यवस्था की इस खामी ने स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. एंबुलेंस के रख रखाव और फिटनेस को लेकर इससे पहले भी कई बार सवाल खड़े हो चुके हैं. जिसके चलते सीएमएचओ द्वारा एंबुलेंस की नियमित जांच और ऑडिट कराए जाने के निर्देश दिए गए थे. लेकिन कोई घटना सामने आने पर कुछ दिनों की सक्रियता दिखाने की औपचारिकता के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है.
