कोलकाता, 14 मई (वार्ता) अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के इस महीने के आखिर में भारत दौरे के दौरान कोलकाता आने की संभावना है।
अमेरिकी मीडिया और राजनयिक सूत्रों से मिल रही रिपोर्टों के अनुसार श्री रुबियों का कार्यक्रम मुख्य रूप से दिल्ली-केंद्रित रहने की उम्मीद है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस दौरान उनके कोलकाता जाने की भी संभावना है।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर लिखा: “अपने अच्छे दोस्त विदेश मंत्री रूबियो का भारत में स्वागत करने का बेसब्री से इंतज़ार है। अमेरिका भारत के साथ अपनी बढ़ती साझेदारी को बहुत महत्व देता है, और हम और भी मज़बूत संबंध बनाने के लिए उत्साहित हैं, जिससे हमारे दोनों देशों और पूरी दुनिया को फायदा होगा।”
कोलकाता में अमेरिकी राजनयिक मिशन से जुड़े अधिकारियों ने श्री रूबियो के दौरे की संभावना की ओर इशारा किया है, हालांकि अमेरिकी दूतावास की ओर से अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। सूत्रों का कहना है कि श्री रूबियो 24, 25 और 26 मई को भारत में रहेंगे।
श्री रुबियों के नई दिल्ली में भारतीय नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों के अलावा, क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी शामिल होने की उम्मीद है, जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार ईरान में चल रहे संघर्ष और बदलते भू-राजनीतिक तनावों की पृष्ठभूमि में, राजनयिकों का मानना है कि इस दौरे का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी महत्व है। फिर भी, इतने बड़े राजनयिक कार्यक्रम के बीच श्री रूबियो के कोलकाता में संभावित पड़ाव ने अपने आप में एक राजनीतिक और प्रतीकात्मक महत्व हासिल कर लिया है।
इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने नवंबर 2012 में कोलकाता का दौरा किया था। उन्होंने राइटर्स बिल्डिंग में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ एक घंटे लंबी बैठक की थी।
राजनीतिक जानकारों का अब मानना है कि श्री रूबियो का कोलकाता का प्रस्तावित दौरा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई सरकार के तहत पश्चिम बंगाल के लिए एक नई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अहमियत का संकेत हो सकता है।
