
उज्जैन। 11 साल की बालिका का अपेंडिक्स ऑपरेशन हुआ था। जिसकी मौत हो गई। परिजनों के हंगामे के बाद पुलिस ने डॉक्टर और निजी क्लीनिक संचालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। डॉक्टर और संचालक की गिरफ्तारी कर पुलिस ने कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेजने के आदेश जारी किए गए। यह सुन डॉक्टर की तबीयत बिगड़ गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 9 अप्रैल को मंछामन स्थित जनसेवा नोबल पॉली क्लीनिक में राघवी क्षेत्र की रहने वाली 11 वर्षीय बालिका दीपिका पिता मेहरबान डाबी का डॉ. देवेश तिवारी और क्लीनिक संचालक राजेश चौहान ने अपेंडिक्स का ऑपरेशन किया था। कुछ देर बाद ही बालिका की मौत हो गई थी। परिजनों के हंगामे के बाद नीलगंगा पुलिस ने दोनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। न्यायालय में पेश करने पर दोनों को जेल भेजन के आदेश जारी कर दिए गए। जिसके बाद डॉ. तिवारी का बीपी हाई हो गया। जिसे चरक अस्पताल लाया गया जहां आईसीयू में उपचार के लिए भर्ती किया गया। डॉक्टर का पुलिस अभिरक्षा में उपचार चल रहा है।
