
नरसिंहपुर। जिले के तेंदूखेड़ा एसडीएम कार्यालय में गुरुवार को जबलपुर ईओडब्ल्यू की 13 सदस्यीय टीम ने कार्यालय में पदस्थ बाबू सौरभ यादव को आवेदक से 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद शिकायतकर्ता संजय राय ने एसडीएम पूजा सोनी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
जानकारी के अनुसार, आवेदक संजय राय ने अपनी कॉलोनी की टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से संबंधित फाइल को आगे बढ़ाने के लिए आवेदन किया था। बाबू सौरभयादव ने इस कार्य के एवज में रिश्वत की मांग की थी, जिसकी शिकायत आवेदक ने ईओडब्ल्यू मुख्यालय जबलपुर में की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद ईओडब्ल्यू की टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया। गुरुवार को जैसे ही संजय राय ने रिश्वत की रकम बाबू सौरभ यादव को सौंपी, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी के हाथ धुलवाए जाने पर वे गुलाबी हो गए, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई।
अचानक हुई इस छापामार कार्रवाई से एसडीएम कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कार्रवाई के दौरान टीम ने संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए हैं। फिलहाल ईओडब्ल्यू की टीम आरोपी बाबू से पूछताछ कर रही है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
एसडीएम पर भी लगे आरोप
इस कार्रवाई के बाद शिकायतकर्ता संजय राय ने एसडीएम पूजा सोनी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि स्टेनो सौरभ यादव केवल एक माध्यम था, और रिश्वत की असल मांग एसडीएम मैडम के निर्देश पर की गई थी। संजय राय ने बताया कि 30 हजार रुपए की रिश्वत के अलावा, उन्हें एसडीएम कार्यालय के रेनोवेशन (नवीनीकरण) और कलर-पेंट आदि के खर्चों के लिए भी दबाव डाला जा रहा था। पीड़ित का आरोप है कि वे भीषण गर्मी में बार-बार एसडीएम मैडम के पास आकर अपने काम के लिए निवेदन कर रहे थे, लेकिन एसडीएम उन्हें लगातार परेशान कर रही थी।
