
जबलपुर। गढ़ा पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने प्रेमनगर स्थित एक मकान में दबिश देकर लैपटॉप और मोबाइलों के जरिए कल्याण और राजधानी सट्टा खिला रहे दो सटोरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया नेटवर्क बेहद शातिर तरीके से चल रहा था, जहाँ मुख्य सरगना ने बाकायदा मासिक वेतन 15,000 रूपए पर कर्मचारियों को सट्टा लिखने के काम पर रखा था। सरगना बल्ली फरार हो गया जिसकी तलाश जारी है।
गढ़ा थाना प्रभारी प्रसन्न कुमार शर्मा के मुताबिक क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि प्रेमनगर में एमजी शोरूम के पीछे वाली गली में कुछ लोग मोबाइल और अन्य आधुनिक उपकरणों के जरिए अंकों की हार-जीत का दांव लगवा रहे हैं। सूचना मिलते ही गढ़ा थाना और क्राइम ब्रांच की एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर दबिश दी। पुलिस ने जब प्रेमनगर स्थित रोमेश गुप्ता के मकान में छापा मारा, तो वहाँ दो युवक लैपटॉप और कई मोबाइलों के साथ सट्टे की बुकिंग लेते मिले। पुलिस ने मौके से दोनों आरोपियों को जयप्रकाश यादव (51) निवासी प्रेमनगर, गढ़ा, अमित कुशवाहा (35 ) निवासी साहिब टाउनशिप, ग्वारीघाट को दबोचा। आरोपियों के कब्जे से सट्टा संचालन में इस्तेमाल होने वाला लैपटॉप, पेन ड्राइव, एक एंड्रॉइड मोबाइल, 3 कीपैड मोबाइल, 4 मोबाइल चार्जर और 1 एक्सटेंशन बोर्ड, 2 कैलकुलेटर, 2 डायरियां, सट्टा पर्ची, स्टेशनरी सामग्री और कल्याण व राजधानी सट्टे के नंबर समेत मौके से 6,200 नगद बरामद किए गए।
बल्ली गुप्ता संभालता था लेन-देन
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की तो आरोपियों ने बताया कि वे खुद इस धंधे के मालिक नहीं हैं। घमापुर निवासी बल्ली गुप्ता ने उन्हें 15,000 प्रति माह की सैलरी पर सट्टा लिखने के लिए रखा था। सट्टा लगाने वाले ग्राहकों से पैसों का पूरा लेन-देन और मुख्य हिसाब-किताब सीधे बल्ली गुप्ता ही करता था। आरोपियों के मोबाइल में कई अन्य सटोरियों और ग्राहकों के नंबर भी सेव मिले हैं।
तलाश में घमापुर और धनवंतरीनगर में दबिश
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम ने मुख्य सरगना बल्ली गुप्ता की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों, घमापुर चौक और धनवंतरीनगर में तत्काल छापेमारी की, लेकिन वह पुलिस की भनक लगते ही फरार हो गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि फरार मुख्य आरोपी बल्ली गुप्ता को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा, जिसके बाद शहर के कई अन्य सफेदपोश सटोरियों के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
