
सतना। सामान्यत: किसी के तेरहवीं-बरसी में आयोजित भोज के दौरान परिजन सहित शामिल होने वाले सभी लोगों के बीच एक दुख की छाया मंडराती रहती है. लेकिन मप्र राज्य जैव विविधता पुरस्कार से सम्मानित और प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम में प्रशंसित राम लोटन कुशवाहा के तेरहवीं संस्कार के भोज के दौरान न सिर्फ वे स्वयं बल्कि उनके परिजन सहित सम्मिलित होने वाले सभी लोगों के बीच उल्लास छाया रहा.
जिले के उचेहरा क्षेत्र अंतर्गत अतरवेदिया गांव में बुधवार को एक नई परंपरा देखने को मिली. 70 वर्षीय राम लोटन कुशवाहा ने अपने जीवित रहते हुए न सिर्फ अपना पिण्डदान कर दिया बल्कि अपनी तेरही और वरषी के लिए भोज भी आयोजित किया. इस आयोजन में श्री कुशवाहा के परिजन, नात-रिश्तेदार व इष्ट मित्र सहित क्षेत्र के सैकड़ों लोग सम्मिलित हुए. यह आयोजन अपने आप में और अनूठा तब नजर आने लगा जब वहां पर सम्मिलत होने वाले सभी लोगों के चेहरे पर उल्लास छाया रहा. चाहे स्वयं राम लोटन हों अथवा उनका परिवार या फिर आयोजन में सम्मिलित होने वाले सैकड़ों लोग सभी हंसी-खुशी आए और भीषण गर्मी होने के बाद भी वहां के उल्लासित वातावरण को देखते हुए किसी का जल्दी वहां से जाने का मन नहीं हुआ. अधिकांश लोगों का यही मानना था कि किसी की मृत्यु हो जाने पर होने वाले आयोजन में सम्मिलित होना सामाजिक और पारिवारिक तौर पर अनिवार्य माना जाता है. लेकिन उस दौरान सभी के चेहरों पर दुख का भाव स्पष्ट तौर पर बना रहता है. लेकिन राम लोटन के इस आयोजन में दुख की कोई भी छाया दूर दूर तक नजर नहीं आई.
सुखद अनुभव रहा: पद्मश्री बाबूलाल
राम लोटन के मित्र और पद्मश्री बाबू लाल दाहिया भी आयोजन में सम्मिलित होने के लिए पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कहा कि किसी के यहां कोई गमी होने पर अक्सर जाना होता है. लेकिन वहां पर दुख का माहौल होता है. जबकि यहां पर तेरही-वरषी हो रही है लेकिन सुख का माहौल छाया हुआ है. परिजन सहित सारे रिश्तेदार खुश हैं, जिसे देखकर उन्हें भी खुशी हो रही है. लिहाजा यह एक अलग तरह का कार्य है जो राम लोटन ने करके दिखा दिया. वहीं पर मौजूद राम लोटन के चाचा शिव बालक कुशवाहा, उनके भाई जयकरण कुशवाहा और साले सुंदर लाल कुशवाहा ने भी इस आयोजन को न सिर्फ अनूठा बल्कि काफी सुख अनुभव वाला बताया. इसी कड़ी में राम लोटन ने कहा कि आयोजन के दौरान सभी के चेहरे की खुशी देखकर उन्हें जो महसूस हो रहा है, वे उसे शब्दों में नहीं बता सकते हैं. उन्होंने सभी का आभार भी जताया.
