
सीहोर। समीपस्थ बिलकीसगंज थाना क्षेत्र के ग्राम ढाबला केलावाड़ी से कार सवार नकाबपोश बदमाशों द्वारा बुजुर्ग का अपहरण करने की सनसनीखेज वारदात से परेशान पुलिस ने उस वक्त राहत की सांस ली जब मंगलवार की रात को ही बुजुर्ग भोपाल के जवाहर चौक पर सुुरक्षित मिल गया. बुजुर्ग का कहना था कि बदमाशों ने उससे बायोमेट्रिक साईन कराने के बाद आटो में बैठा दिया था. बुधवार को पुलिस बुजुर्ग को लेकर भोपाल के वह सभी संभावित स्थानों पर पहुंची जहां ले जाने का बुजुर्ग बता रहे थे, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिल सका है.
गौरतलब है कि ग्राम ढाबला केलावाड़ी निवासी बुजुर्ग प्रेमसिंह मेवाड़ा का कार सवार अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने उस वक्त अपहरण कर लिया था जब वह घर से मंदिर जा रहे थे. प्रेमसिंह ने अपहरण के दौरान हिम्मत करके किसी तरह अपने बेटे जगदीश मेवाड़ा को फोन लगाकर बताया कि कुछ लोग उन्हें जबरन कार में बैठाकर भोपाल की ओर ले जा रहे हैं. इसके बाद उनका फोट कट गया था. जगदीश ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी. दिन- दहाड़े अपहरण की घटना से पुलिस सर्तक हुई और सरगर्मी से बुजुर्ग की तलाश शुरू कर दी. मामले की संजीदगी को देखते हुए एसपी श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना भी बिलकीसगंज थाने पहुंचीं थीं. पुलिस भोपाल जाने वाले रास्तों के हर सीसीटीवी को खंगालती रही. इस बीच रात लगभग 8 बजे अपह्रत प्रेमसिंह ने अपने पुत्र जगदीश को फोन लगाकर खुद को जवाहर चौक पर मौजूद रहना बताया. जगदीश ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंचकर पुलिस ने प्रेमसिंह को अपने सामने देखा तो राहत की सांस ली.
पूछताछ में प्रेमसिंह ने बताया कि बदमाश उसे लेकर भोपाल में कलेक्ट्रेट स्थित किसी दुकान पर ले गए जहां उसके अंगूठे का बायोमेट्रिक साईन लिया. इसके बाद बदमाश उसे भोपाल में यहां- वहां घुमाते रहे और फिर एक ऑटो में उसे बैठा दिया. ऑटो से बुजुर्ग जवाहर चौक पहुंचा और ऑटो चालक के मोबाइल से अपने पुत्र जगदीश को सूचना दी. बुजुर्ग के सकुशल मिल जाने से राहत महसूस कर रही पुलिस बुधवार को बुजुर्ग को लेकर भोपाल के उन सभी स्थानों पर गई जहां बुजुर्ग प्रेमसिंह खुद को अपहरणकर्ताओं के साथ जाना बता रहे थे, लेकिनर प्रेमसिंह स्पष्ट वह दुकान नहीं बता सके जहां अपहरणकर्ता उन्हें लेकर गए थे. शाम तक थाना प्रभारी संदीप मीणा एवं पुलिस बल मामले की पड़ताल में जुटा हुआ था.
