
ओंकारेश्वर। तीर्थ नगरी में जमीन विवाद को लेकर पिछले 10 दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन जारी था, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने आदिवासी परिवार को उनकी जमीन से बेदखल करने की कार्रवाई कर दी। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया है।
पीड़ित परिवार के सदस्य राहुल पिता पठान को शुक्रवार शाम प्रशासन की ओर से राजस्व विभाग का नोटिस सौंपा गया। वायरल हो रहे नोटिस के अनुसार, तहसील पुनासा के ग्राम बिलोराबुजुर्ग में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किए जाने का उल्लेख किया गया है। नोटिस में संबंधित व्यक्ति को तत्काल अतिक्रमण हटाकर भूमि रिक्त करने के निर्देश दिए गए थे, साथ ही चेतावनी दी गई थी कि ऐसा नहीं करने पर पुलिस बल की सहायता से कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाया जाएगा।
नोटिस मिलने के अगले ही दिन शनिवार सुबह करीब 6 बजे प्रशासनिक अमला बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचा और आदिवासी परिवार के आशियाने को तोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान परिवार के सदस्यों में भय और आक्रोश का माहौल देखा गया।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि परिवार लंबे समय से अपनी जमीन और आशियाने को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा था। धरना-प्रदर्शन और गुहार के बावजूद प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई को लोगों ने अमानवीय बताया है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि गरीब आदिवासी परिवार को बिना उचित न्याय और पर्याप्त सुनवाई के उजाड़ दिया गया, जो मानवता और संवेदनशील प्रशासन पर सवाल खड़े करता है। घटना के बाद कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई है।
साथ ही सामाजिक साथियों और न्यायप्रिय नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे आगे आकर पीड़ित परिवार का सहयोग करें और उनकी न्याय की लड़ाई में साथ खड़े हों।
