नयी दिल्ली, (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय के चंडीगढ़ जोनल कार्यालय ने मंगलवार को कहा कि उसने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के दो पूर्व कर्मचारियों, रिभव ऋषि और अभय कुमार को पीएमएलए के अंतर्गत धन शोधन के एक मामले में गिरफ्तार किया है।
अब तक की गई जांच से पता चला है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन और चंडीगढ़ एवं पंचकुला स्थित दो निजी स्कूलों से संबंधित बैंक खातों से कथित तौर पर 645 करोड़ रुपये की सार्वजनिक धनराशि का गबन किया गया है।
ईडी के अनुसार, रिभव ऋषि ने अपने निजी सहायक और ड्राइवर के नाम पर कैपको फिनटेक सर्विसेज और आर एस ट्रेडर नामक फर्जी कंपनियां बनाईं। इसी तरह, अभय कुमार ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और साले के नाम पर मेसर्स स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स नामक फर्जी कंपनी बनाई।
एजेंसी ने कहा कि इन फर्जी संस्थाओं को सैकड़ों करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई जो कथित तौर पर विभिन्न सरकारी विभागों के खातों से सीधे निकाली गई थी। बाद में इस धनराशि को कई लेन-देनों के माध्यम से और आगे स्थानांतरित किया गया।
ईडी ने कहा कि पूरे धन के लेन-देन का पता लगाने और अन्य लाभार्थियों के साथ-साथ अपराध की कथित आय से अर्जित संपत्तियों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। विशेष पीएमएलए न्यायालय ने ईडी को दोनों आरोपियों की 10 दिन की हिरासत दी है।
