बघेल ने शाह के बयान को बताया गलत, बहस की चुनौती दी

रायपुर, 31 मार्च (वार्ता) छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के लोकसभा में दिये गये इस बयान पर कड़ी आपत्ति जतायी है कि राज्य की पिछली कांग्रेस सरकार ने राज्य को नक्सलियों से मुक्त करने के लिए मदद नहीं की थी।

श्री शाह ने सोमवार को लोकसभा में ‘वामपंथ उग्रवाद से देश को मुक्त कराने के प्रयास’ पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा था कि छत्तीसगढ की बघेल सरकार ने राज्य को नक्सली हिंसा से मुक्त कराने में मदद नहीं की थी। उन्होंने नक्सलियों के वर्षों तक बने रहने और आदिवासियों के विकास में बाधा के लिए कांग्रेस और उसकी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया था।

श्री बघेल ने श्री शाह के बयान को पूरी तरह गलत बताया है और इस संबंध में उन्हें खुली बहस की चुनौती दी है। उन्होंने एक बयान में कहा, “आज 31 मार्च है और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कथन के अनुसार छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का आखिरी दिन है। उन्होंने झूठ बोला कि कांग्रेस की सरकार ने मदद नहीं की। मैं चुनौती देता हूं कि श्री शाह कोई भी मंच, जगह और समय तय कर लें, मैं उनसे बहस के लिये तैयार हूं। उन्हें प्रदेश को और देश को गुमराह नहीं करना चाहिए, वह झूठ पर झूठ बोलते जा रहे हैं।”

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवादियों के मामले में कांग्रेस का रुख स्पष्ट रहा है और उनकी सरकार ने उसी नीति के अनुरूप काम किया। उन्होंने कहा, “राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से हमने आदिवासियों को सम्पन्न बनाया। वनाधिकार पट्टे दिए, स्कूल खोले, उनके इलाज की व्यवस्था की, पीडीएस की दुकानें खोले, राशन कार्ड दिए, जबकि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने उन्हें इससे वंचित रखा था।”

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने दो तरह की रणनीति अपनाई थी – बस्तर के आदिवासियों का विश्वास अर्जित करना और जैसे-जैसे नक्सली पीछे हटते गये, वहां विकास के कार्य करना। उन्होंने कहा कि इससे नक्सली मुख्यधारा में लौटे और 600 गांव उनसे मुक्त कराये गये।

श्री बघेल ने कहा, “श्री शाह ने घोषणा की थी कि जिस गांव में नक्सलवाद मुक्त होगा, उस गांव को एक करोड़ रुपये दिये जायेंगे। आज 31 मार्च है, नक्सलवाद समाप्त हो गया तो श्री शाह बतायें बस्तर के प्रत्येक गांव में एक करोड़ रुपये कब देंगे?” उन्होंने आरोप लगाया कि नक्सल विरोधी अभियान में शहीद हुए जवानों के बलिदान को नजरअंदाज किया जा रहा है।

इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उनकी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान नक्सली उनके साथ थे । कई जगह नक्सलियों ने मंच साझा किया । उन्होंने कहा कि श्री बघेल जब विधानसभा में विपक्ष के नेता थे तो वह नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी-बड़ी बातें करते थे लेकिन सत्ता में आने पर उन्होंने इस संबंध में कुछ नहीं किया।

राज्य सरकार के मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता केदार कश्यप ने भी कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा राज्य सरकार और केन्द्र सरकार की रणनीति से राज्य को नक्सल मुक्त कराया जा सका है।

पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि अब बस्तर भय और हिंसा के साये से निकल कर विकास और विश्वास के नये दौर में प्रवेश कर चुका है।

 

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