जबलपुर: बरगी क्रूज हादसे में लापरवाही के कारण हुई 13 से 15 यात्रियों के मौत के खिलाफ हाईकोर्ट में तीन जनहित दायर की गयी थी। याचिका में राहत चाही गयी थी कि घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाये। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने घटना को दुखत करार देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटना घटित नही होनी चाहिये। युगलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए कहा है कि याचिकाकर्ताओं को निर्देशित किया है कि याचिकाओं में उठाए गए मुद्दों को घटना की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें।
नानाजी देशमुख विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डाॅ जी पी मिश्रा सहित दो अन्य की तरफ से बरगी क्रूज हादसे को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। याचिका में कहा गया था कि पर्यटन विभाग सुरक्षा मानकों की अनदेखी की पर्यटकों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहा है। पर्यटन विभाग सुरक्षा मानक का पालन करता तो यह घटना घटित नहीं होती। क्रूज का एक इंजन खराब था और येलो अलर्ट की जानकारी पायलट को नही दी गयी थी। एनजीटी के आदेष के अवहेलना करते हुए बरगी बांध में पर्यटन विभाग के द्वारा क्रूज का संचालन किया जा रहा था।
क्रूज में लाइफ सेविंग जैकेट में अलमारी में लॉक कर रखा गया था। क्रूज जब डूबने लगा तो यात्रियों को जैकेट दी गयी। क्रूज में बच्चों के नाम की जैकेट नहीं थी और जो जैकेट थी वह घटिया स्तर की थी। हादसे में जैकेट पहने व्यक्तियों की डूबने से मौत हुई है। पर्यटन विभाग वर्तमान में पर्यटन विभाग के एमडी पद पर पदस्थ व्यक्तियों को इंदौर दूषित जल मामले में लापरवाही के कारण हटाया गया था।
याचिका की सुनवाई के दौरान वरिष्ट अधिवक्ता आदित्य संघी ने बताया कि घटनास्थल के समीप ही पुल निर्माण में लगे मजदूरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर क्रूज में सवार यात्रियों की जान बचाई। मजदूरों के कारण ही कई क्रूज यात्री सूचित बच गये वरना मृतक की संख्या लगभग दोगुना से अधिक होती। याचिका में राहत चाही गयी थी कि घटना के लिए संबंधित दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जानी चाहिये। जिन्हें आईएसआई तथा बीआईएस मानक की लाइफ जैकेट की खरीदारी नहीं की। इसके अलावा अपना खराब व उम्र पूरी कर चूके क्रूज का संचालन करवा रहे थे।
याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से घटना को दुखत बताते हुए कहा गया कि जांच के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग का गठन किया गया है। न्यायिक आयोग तीन माह में जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करेंगा। न्यायिक आयोग की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी।
युगलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए उक्त आदेष जारी किये। युगलपीठ ने कहा है कि जान पर खेलकर क्रूज यात्रियों को बचाने वाले मजदूरों को पुरूस्कृत करने के संबंध में मुख्यमंत्री निर्णय लें। इसके अलावा जांच आयोग पर्यटक विभाग की आभारभूर्त संरचना तथा सुरक्षा के संबंध में जांच करें।
