वाशिंगटन,11 मई (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने युद्ध समाप्त करने के अमेरिकी प्रस्तावों पर ईरान की प्रतिक्रिया को “पूरी तरह अस्वीकार्य” करार दिया है। बीबीसी में प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी।
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम ने बताया कि पाकिस्तान के माध्यम से भेजे गए तेहरान के प्रस्ताव में ( जिसमें पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है) सभी मोर्चों पर युद्ध की तत्काल समाप्ति, अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को रोकना और ईरान पर आगे कोई हमला न करने की गारंटी शामिल है।
अमेरिका और इज़रायल द्वारा फरवरी में शुरू किए गए युद्ध को समाप्त करने के लिए वार्ता को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से किए गए युद्धविराम का, छिटपुट गोलीबारी के बावजूद, काफी हद तक पालन किया गया है।
इस सप्ताह की शुरुआत में, ट्रम्प ने दोहराया कि ईरान में युद्ध “जल्द ही समाप्त हो जाएगा”।
लेकिन इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध को समाप्त मानने से पहले ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार को “नष्ट” किया जाना चाहिए।
सीबीएस के ’60 मिनट्स’ कार्यक्रम में दिए एक साक्षात्कार में नेतन्याहू ने कहा, “अभी भी ऐसे संवर्धन स्थल हैं जिन्हें नष्ट करना बाकी है।”
रविवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने तेहरान के प्रस्ताव का सीधा जिक्र तो नहीं किया, लेकिन कहा, “हम दुश्मन के सामने कभी सिर नहीं झुकाएंगे, और अगर बातचीत या समझौता करने की बात उठती है, तो इसका मतलब आत्मसमर्पण या पीछे हटना नहीं है।”
ट्रम्प ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट किया: “मैंने अभी-अभी ईरान के तथाकथित ‘प्रतिनिधियों’ का जवाब पढ़ा है। मुझे यह पसंद नहीं आया – बिल्कुल अस्वीकार्य।”
अमेरिकी समाचार आउटलेट ‘एक्सियोस’ ने बताया कि एक पृष्ठ के 14 सूत्रीय अमेरिकी ज्ञापन में ईरानी परमाणु संवर्धन पर रोक, प्रतिबंधों को हटाना और होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध आवागमन बहाल करने जैसे प्रावधान शामिल हैं।
इसमें दो अमेरिकी अधिकारियों और दो अन्य सूत्रों का हवाला दिया गया है – सभी के नाम गुप्त रखे गए हैं – जिन्हें मुद्दों की जानकारी दी गई थी। इन सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि ज्ञापन में बताई गई कई शर्तें अंतिम समझौते पर पहुंचने पर ही लागू होंगी।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अवरुद्ध करना जारी रखा है, जिससे विश्व स्तर पर तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है।
अमेरिका ने तेहरान पर दबाव बनाने के लिए ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी लागू कर दी है, जिससे ईरान बेहद नाराज है।
इजरायली और अमेरिकी सेनाओं ने 28 फरवरी को ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए। ईरान युद्ध में पिछले महीने युद्धविराम लागू हुआ।
सीबीएस को दिए अपने साक्षात्कार में नेतन्याहू ने कहा, “मैं इजरायल की सेना के लिए अमेरिकी वित्तीय सहायता को शून्य तक कम करना चाहता हूं।” उन्होंने कहा, “हमें प्रति वर्ष 3.8 अरब डॉलर मिलते हैं। और मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि हम शेष सैन्य सहायता से भी खुद को अलग कर लें।”
उन्होंने आगे कहा, “आइए अभी से शुरुआत करें और इसे अगले दशक में पूरा करें।”
