अपेंडिक्स ऑपरेशन के बाद 7वीं की छात्रा की मौत, परिजनों के हंगामे के बाद 7 डॉक्टरों की टीम ने किया छात्रा का पोस्टमार्टम

उज्जैन। अपेंडिक्स ऑपरेशन के बाद कक्षा सातवीं का अध्ययन करने वाली छात्रा की मौत होने पर शनिवार को परिजनों का आक्रोश फूट गया था। रविवार सुबह छात्रा का प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में सात डॉक्टर की चैनल ने पोस्टमार्टम किया। पुलिस मामले में प्रकरण दर्ज कर चुकी है। पॉली क्लीनिक से जुड़े एक व्यक्ति की गिरफ्तारी की गई है।

राघवी क्षेत्र के ग्राम तीलियाखेड़ी में रहने वाला डाबी परिवार मंछामन कॉलोनी में चौकीदारी का काम करता है। परिवार की 11 वर्षीय दीपिका पिता मेहरबान का कछ दिन पहले पेट दर्द हुआ था। परिवार ने कॉलोनी के ही जनसेवा नोबेल पॉली क्लीनिक में डॉक्टर को दिखाया एक माह तक उपचार चलने के बाद शनिवार को डॉ. डीके तिवारी ने अपेंडिक्स का ऑपरेशन किया। दीपिका की हालत बिगड़ गई। पॉली क्लीनिक के कर्मचारी दीपिका को निजी अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा पॉली क्लीनिक के डॉक्टर और कर्मचारी क्लीनिक पर ताला लगाकर भाग निकले। परिजनों के आक्रोश का पता चलते ही नीलगंगा पुलिस क्लीनिक पहुंच गई थी। परिजनों को समझाइए दी गई। शव चरक अस्पताल लाया गया जहां परिजनों ने दीपिका की बॉडी सडक़ पर रख चक्काजाम कर दिया। रात 11.30 बजे तक परिजन सडक़ पर बैठे रहे और डॉक्टर के साथ अस्पताल कर्मचारियों की गिरफ्तारी की मांग करते रहे। देर रात प्रशासन और पुलिस के आश्वासन पर चक्काजाम समाप्त किया गया।

रविवार सुबह मृतक दीपिका का पोस्टमार्टम एसडीएम एलएन गर्ग, तहसीलदार शेफाली जैन, चिमनगंज, माधवनगर, कोतवाली थाना प्रभारी की मौजूदगी में सात डॉक्टर की टीम सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल, डॉ. विक्रम रघुवंशी, डॉ. एके सिंह, डॉ. शीतल गुप्ता डॉ. शिव मेनिया, डॉ. अभिषेक जाटव, डॉ. दिलीप वास्के की टीम द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान वीडियो ग्राफी भी की गई। पोस्टमार्टम के बाद छात्रा का शव एंबुलेंस के माध्यम से उसके पैतृक गांव तक भेजा गया।

 

छात्रा की मौत के बाद पॉली क्लीनिक किया गया सील

 

छात्रा की मौत होने पर परिजनों ने क्लीनिक के भर काफी देर तक विलाप किया था इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। पिता मेहरबान का आरोप ताकि उन्हें स्थिति स्पष्ट नहीं की गई ना ही उपचार संबंधित फाइल दी गई है। घटना के बाद अस्पताल स्टाफ ताला लगाकर भाग गया था। प्रशासनिक अधिकारियों ने सीएमएचओ डॉ. पटेल को मौके पर बुलाया। टीम के साथ पहुंचे सीएमएचओ ने क्लीनिक का ताला तोडक़र छात्रा के उपचार संबंधित फाइल तलाश की लेकिन वह भी नहीं मिली। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सभी दस्तावेज जप्त किए जाएंगे

 

राजेश चौहान के नाम पर रजिस्ट्रेशन

 

बताया जा रहा है कि पॉली क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन राजेश चौहान के नाम पर है। राजेश पूर्व में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन का सहयोगी रह चुका है। जिस रात में ही पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया था। छात्रा का ऑपरेशन डॉ. डीके तिवारी द्वारा किया गया था, जो स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक होना बताए जा रहे हैं। नीलगंगा पुलिस मामले में प्रकरण दर्ज कर अस्पताल से जुड़े सभी लोगों की तलाश कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद छात्रा की मौत के दोषियों पर धारा बढ़ाई जाएगी।

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