
मॉस्को, 10 मई (वार्ता /स्पुतनिक) ईरान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए तेज गति से चलने वाली नौकाओं के एक बड़े नेटवर्क पर निर्भर है, जिसे “मच्छर बेड़ा” कहा जाता है। फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट में रक्षा विशेषज्ञों के हवाले से यह जानकारी दी गयी। रिपोर्टों में कहा गया है कि ईरानी अधिकारी सैकड़ों छोटी, तेज गति से चलने वाली नौकाओं का संचालन करते हैं, जिनमें से कई हल्के हथियारों से लैस हैं, जबकि अन्य अल्प दूरी की मिसाइलों से सुसज्जित हैं। माना जाता है कि ये नौकाएं क्षेत्र में ईरान की असममित नौसैनिक रणनीति की रीढ़ हैं। रिपोर्ट में उद्धृत सैन्य विश्लेषकों ने कहा कि ईरान के पास लगभग 20 ग़दीर श्रेणी की मिनी पनडुब्बियां और कई हजार उच्च गति वाली मिसाइल और हमलावर नौकाएं भी हैं, जो मिलकर खाड़ी में बड़ी नौसैनिक ताकतों को चुनौती देने की उसकी क्षमता को बढ़ाती हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) द्वारा संचालित मिसाइलों और ड्रोन प्रणालियों के साथ मिलकर, यह बेड़ा एक स्थायी निवारक प्रभाव पैदा करता है जो जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक और सैन्य जहाजों के सुरक्षित आवागमन को जटिल बनाता है। फाइनेंशियल टाइम्स ने “मच्छर बेड़े” को ईरान का सबसे सक्रिय सतही नौसैनिक बल बताया है, जिसमें कम लागत वाली घरेलू निर्मित नौकाओं और अधिक उन्नत तीव्र-हमला नौकाओं दोनों का समावेश है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान, अमेरिका और इज़रायल के बीच शत्रुता के संभावित अंत के बाद भी यह बेड़ा होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात को नियंत्रित करने में केंद्रीय भूमिका निभाता रह सकता है। ये घटनाक्रम ईरानी ठिकानों पर पहले हुए हमलों और खाड़ी में समुद्री सुरक्षा को लेकर चल रहे विवादों के बाद बढ़े क्षेत्रीय तनाव के बीच सामने आए हैं।
