दिल्ली सरकार अनधिकृत कॉलोनियों के लोगों के साथ कर रही है खुला छल : डॉ. नरेश कुमार

नयी दिल्ली, 10 मई (वार्ता) दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार ने कहा है कि दिल्ली सरकार अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के नाम पर जनता को गुमराह करने और उनसे पैसा वसूलने की साजिश चला रही है। अनऑथराइज़्ड कॉलोनी रेजिडेंट्स वेलफेयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. कुमार ने रविवार को मुंडका विधानसभा क्षेत्र की अनधिकृत कॉलोनी शेर सिंह एन्क्लेव में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों और स्थानीय नागरिकों के साथ नुक्कड़ सभा कर दिल्ली सरकार की कथित कॉलोनी नियमितीकरण नीति पर तीखा हमला बोला। डॉ. कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि हाल ही में दिल्ली सरकार ने 1511 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का नोटिफिकेशन जारी किया है, जबकि पहले 1731 कॉलोनियां चिन्हित थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर 220 कॉलोनियों को इस योजना से बाहर क्यों कर दिया गया? सरकार बताए कि इन कॉलोनियों के लाखों लोगों का क्या दोष है? उन्होंने आरोप लगाया कि गांवों से सटी विस्तृत लालडोरा और बसाहट क्षेत्रों को लेकर सरकार की कोई स्पष्ट नीति नहीं है। यह गांवों और वहां रहने वाले लोगों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया है।

डॉ. कुमार ने कहा कि सरकार की पूरी योजना दोषपूर्ण और जनता विरोधी है। पीएम उदय योजना के तहत लोगों को पोर्टल पर आवेदन करने, भारी शुल्क जमा करने और अपने-अपने प्लॉट नियमित कराने की प्रक्रिया में उलझाया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी हमेशा कॉलोनियों को सामूहिक रूप से नियमित करने की पक्षधर रही है, न कि हर प्लॉट मालिक से अलग-अलग वसूली करने की। उन्होंने कहा कि वर्ष 1977 में स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने बिना किसी शुल्क के अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की ऐतिहासिक योजना शुरू की थी, जो 1993 तक चली। इस दौरान अनेक कॉलोनियों को नियमित किया गया था। आज भी उसी मॉडल को लागू करते हुए बिना किसी आर्थिक बोझ के कॉलोनियों को नियमित किया जाना चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों ने अपनी पूरी जिंदगी की जमा पूंजी लगाकर इन कॉलोनियों में छोटे-छोटे प्लॉट खरीदे हैं। अब उन पर डेवलपमेंट चार्ज और अन्य शुल्कों का बोझ डालना सरासर अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार की नीयत कॉलोनियों को नियमित करने की नहीं, बल्कि जनता की जेब से पैसा निकालने की है। उन्होंने घोषणा की कि अगले दो महीनों तक वह दिल्ली की सभी 1511 अनधिकृत कॉलोनियों में जाकर लोगों को जागरूक करेंगे और बताएंगे कि सरकार किस तरह उनके साथ धोखा कर रही है। इसके बाद सभी कॉलोनीवासियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों के साथ मिलकर दिल्ली की मुख्यमंत्री के निवास का घेराव किया जाएगा ।

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