नयी दिल्ली, 10 मई (वार्ता) मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिमी भारत के कई राज्यों में अगले पांच दिनों के दौरान मौसम में बड़े बदलाव की चेतावनी जारी की है। इस दौरान गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के चलने के आसार हैं। जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख में 11 और 12 मई को मौसम अधिक खराब रह सकता है, जबकि हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड में 12 और 13 मई को छिटपुट ओलावृष्टि होने की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने इन पहाड़ी राज्यों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में अगले 48 घंटों के भीतर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने के आसार हैं। इसके प्रभाव से दक्षिण भारत के राज्यों, विशेषकर केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अगले सात दिनों तक भारी वर्षा होने की संभावना है। लक्षद्वीप में भी रविवार को भारी बारिश का अनुमान है।
एक तरफ जहां बारिश का अलर्ट है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्म हवाओं का प्रकोप जारी है। राजस्थान और गुजरात में 10 से 14 मई के दौरान, जबकि पूर्वी राजस्थान में 13 मई तक गर्म हवा के चलने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 12 से 14 मई के बीच गर्मी का तीखा असर देखने को मिलेगा। शनिवार को राजस्थान के बाड़मेर में अधिकतम तापमान 45.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक था। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर में 11 से 13 मई के बीच शाम या रात के समय हल्की बारिश और धूल भरी आंधी चलने से तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है।
मौसम विभाग ने ओलावृष्टि और तेज हवाओं को देखते हुए कृषि क्षेत्र के लिए परामर्श जारी किया है। पहाड़ी राज्यों के फल उत्पादकों को सुझाव दिया गया है कि वे अपने बागानों को ओलों से बचाने के लिए ‘हेलनेट’ का प्रयोग करें। साथ ही, तेज हवाओं के दौरान पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने और कटी हुई फसलों को ढककर रखने की सलाह दी गई है। तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा के मद्देनजर मछुआरों को 15 मई तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के विशिष्ट हिस्सों में न जाने की हिदायत दी गई है। विभाग ने कहा है कि खराब मौसम के दौरान बिजली के उपकरणों का उपयोग सावधानी से करें और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें।

