नयी दिल्ली 10 मई (वार्ता) देश का प्रमुख रक्षा और रणनीतिक संवाद मंच ‘कलाम एवं कवच 3.0’ गुरुवार को यहां आयोजित किया जायेगा जिसमें “आई² – स्वदेशीकरण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग” के माध्यम से देश की रक्षा आत्मनिर्भरता को तेज़ी से आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में शीर्ष सैन्य कमांडर, नीति-निर्माता, राजनयिक और रक्षा उद्योग जगत की प्रमुख हस्ती भारत की विकसित होती सुरक्षा संरचना पर दिन भर विचार-विमर्श करेंगे।
रक्षा क्षेत्र से जुडे प्रमुख प्रकाशन समूह पेंटागन प्रेस और डायरी ऑफ ए पब्लिशर (डीओएपी) द्वारा सेंटर फॉर जॉइंट वॉरफेयर स्टडीज़ (सीईएनजेओडब्ल्यूएस) तथा भारत हिमालयन इंटरनेशनल स्ट्रैटेजिक मंच (भीष्म) के सहयोग से आयोजित यह वार्षिक मंच ऐसे क्रियान्वयन योग्य नीतिगत सुझाव तैयार करने के लिए बनाया गया है, जिन्हें रक्षा मंत्रालय और अन्य प्रमुख हितधारकों के साथ साझा किया जाता है। आयोजकों ने बताया कि इस कार्यक्रम का तीसरा संस्करण “जेएआई” — संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार — के ढाँचे को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा, जिन्हें भारत के रक्षा परिवर्तन के तीन मूलभूत स्तंभों के रूप में पहचाना गया है। कार्यक्रम की शुरुआत “जेएआई की अनिवार्यता” विषय पर उद्घाटन सत्र से होगी, जिसमें पेंटागन प्रेस के राजन आर्य का स्वागत भाषण, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल ए.के. सिंह का उद्घाटन संबोधन, रक्षा मंत्रालय , रक्षा विभाग की अतिरिक्त सचिव दीप्ति मोहिल चावला का मुख्य वक्तव्य तथा एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित का सामरिक संबोधन शामिल होगा। एल एंड टी के अरुण रामचंदानी उद्घाटन सत्र के दौरान उद्योग जगत का दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे।
इसके बाद एनएसएबी के अध्यक्ष आलोक जोशी और शिवम आर्य के बीच एक विशेष संवाद होगा, साथ ही अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकियों की एक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी जिसे देखने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी जायेंगे। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण उद्घाटन सत्र होगा, जिसमें “डिफेन्स रीइमैजिन्ड” पुस्तक का विमोचन, भारत में इटली के राजदूत एंटोनियो एनरिको बार्ताली तथा भारत में आर्मेनिया के राजदूत वाहाग्न अफयान के संबोधन, और जनरल एटॉमिक्स के डॉ. विवेक लाल का सामरिक भाषण शामिल होगा, जिसके बाद श्री सिंह उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला भी एक विशेष संबोधन देंगे, जिसके बाद ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के हर्ष पंत, एम्ब्रेयर के संकल्प श्रीवास्तव, सफ्रान के जितेंद्र एस. गावणकर और शील्ड एआई के सर्जन शाह के साथ एक विशेष चर्चा आयोजित होगी। दोपहर के बाद के सत्र भारत की युद्ध क्षमता और रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने पर केंद्रित होंगे। पहला सत्र, “भारत की युद्ध क्षमता को भविष्य के लिए सुदृढ़ बनाना”, रियर एडमिरल मॉन्टी खन्ना द्वारा संचालित किया जाएगा, जिसमें पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया, सेना उप प्रमुख (आईएस एंड टी) लेफ्टिनेंट जनरल विपुल सिंघल, तथा रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनियों गैलेक्सआई और इंद्रजाल के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार का भी संबोधन होगा जिसके बाद “वैश्विक साझेदारियाँ, भारतीय लाभ” विषय पर चर्चा होगी। इस सत्र का संचालन पूर्व सेना उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राकेश कपूर करेंगे, जिसमें रक्षा अधिग्रहण विभाग, तेलंगाना सरकार, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और निजी क्षेत्र के विनिर्माताओं के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। आत्मनिर्भरता को गति देना, रक्षा विनिर्माण का विस्तार” विषय पर एक अन्य महत्वपूर्ण सत्र का संचालन एयर मार्शल राजीव सचदेवा करेंगे। इसमें एयर मार्शल प्रवीण केशव वोहरा, एकीकृत रक्षा स्टाफ के उप प्रमुख (नीति, योजनाएँ और बल विकास), लेफ्टिनेंट जनरल राजीव साहनी, ईएमई के महानिदेशक, भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के कमोडोर सुजय कपूर और भारत फोर्ज के राजिंदर भाटिया शामिल होंगे।
संजीव कार्यक्रम का समापन दो उच्च-स्तरीय विशेष संवादों के साथ होगा। पहला “मिशन केके ४.० : भारत का समुद्री युद्ध क्षेत्र” विषय पर होगा, जिसमें नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी शामिल होंगे, और दूसरा “भारत का सैन्य भविष्य” विषय पर होगा, जिसमें चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ जनरल अनिल चौहान शामिल होंगे। दोनों संवाद शिवम आर्य के साथ बातचीत के रूप में आयोजित किए जाएंगे।

