
लंदन, 09 मई (वार्ता) ब्रिटेन में सात मई को 136 क्षेत्रों में नगर परिषदों की लगभग 5,000 सीटों के लिए चुनाव हुए। देश में अभी भी कुछ वोटों की गिनती जारी है लेकिन एक बात स्पष्ट हो चुकी है कि प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की लेबर पार्टी को भारी झटका लगा है। स्कॉटलैंड और वेल्स में क्रमशः 129 और 96 संसदीय सीटों पर एक ही दिन चुनाव हुए। वर्ष 2024 के बाद से यह सबसे बड़ा चुनाव रहा है और इसे व्यापक रूप से श्री स्टारमर के प्रधानमंत्रित्व काल की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
निगेल फराज के नेतृत्व वाली रिफॉर्म यूके को चुनावों का सबसे बड़ा विजेता माना जा रहा है। स्काई न्यूज के अनुसार, इसने अब तक 1,422 सीटें जीती हैं। लेबर पार्टी 980 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि लिबरल डेमोक्रेट्स और कंजरवेटिव पार्टी क्रमशः 834 और 754 सीटों के साथ तीसरे और चौथे स्थान पर हैं।प्लाइड सिमरु, जो वेल्स की स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध एक मध्य-वामपंथी पार्टी है, 43 सीटों के साथ वेल्स सेनेड में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। रिफॉर्म यूके 34 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर है जबकि लेबर पार्टी नौ सीटों के साथ बहुत पीछे तीसरे स्थान पर है। वेल्स में 27 साल सत्ता में रहने के बाद लेबर पार्टी ने पहले ही हार स्वीकार कर ली है।
वहीं स्कॉटलैंड में, स्कॉटिश नेशनल पार्टी ने सबसे अधिक 58 सीटें जीतीं लेकिन बहुमत के लिए आवश्यक 65 सीटों से पीछे रह गई। लेबर और रिफॉर्म यूके 17-17 सीटों पर बराबरी पर हैं जबकि कंजर्वेटिव पार्टी की सीटें घटकर 12 रह गईं। अपनी पार्टी के लिए निराशाजनक नतीजों के बावजूद, श्री स्टारमर ने इस्तीफा देने से मना करते हुए कहा कि वह पीछे नहीं हटेंगे और देश को अराजकता में नहीं धकेलेंगे। पूर्व शैडो चांसलर जॉन मैकडोनेल और हार्टलपूल से लेबर सांसद जोनाथन ब्राश सहित कुछ राजनेताओं ने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री स्टारमर को पद छोड़ने पर विचार करना चाहिए।
