
सिंगरौली । कलेक्ट्रेट दफ्तर के सामने कृषि उपज मण्डी इन दिनों पानी-पानी है और यह पानी बारिश के पानी नही बह रहा है, बल्कि ननि अमले के लापरवाही से जमा हो रहा है, जहां इन दिनों मण्डी परिसर पानी ही पानी नजर आती है।
गौरतलब है कि कृषि उपज मण्डी परिसर में जहां पहले अनाज की खरीदी हो रही थी, तद्उपरांत कोविड-19 के बाद से ही थोक एवं फुटकर सब्जी मण्डी की दुकानें संचालित होने लगी। करीब दो सैकड़ा से ज्यादा थोक एवं फुटकर सब्जी की दुकाने लग रही हैं। परंतु कृषि उपज मण्डी में सुविधाएं सब्जी व्यापारियों को नही मिल पा रही हैं। अधिकांश व्यापारी खुले आसमान में सब्जी लगाने के लिए मजबूर हैं। हालांकि कृषि उपज मण्डी बड़े व्यापारियों के लिए टीन सेड समेत अन्य व्यवस्थाएं किया है, लेकिन सब्जी के छोटे व्यापारियों को खुले आसमान में ही व्यवसाय 12 महीने करना पड़ रहा है। मण्डी परिसर की साफ-सफाई कराने का जिम्मा नगर निगम को है, लेकिन साफ-सफाई व्यवस्थित तरीके से नही जा रही है। इस तरह के आरोप लगातार लगते आ रहे हैं और आये दिन गंदगी की तस्वीरें भी सामने आते रहते हैं। हालिया में एक पखवाड़े से मण्डी परिसर में बनी पेयजल टंकी पानी से ओव्हर फ्लो होने के कारण पानी इस तरह परिसर में भरा है कि व्यापारियों एवं ग्राहको को तरह-तरह की परेशानियां हो रही हैं। यह समस्या आज से नही करीब एक पखवाड़े से हैं। मण्डी परिसर पानी-पानी होने के बावजूद इसपर नगर निगम अमला ध्यान नही दे रहा है। जबकि इसी पानी के टंकी से शहर में जलापूर्ति भी की जा रही है और मोटरपंप चालक संभवत: स्वीच को बंद करना भूल जा रहा है। नतीजा यह निकल रहा है कि मण्डी परिसर में पानी ही पानी नजर आ रहा है। अब देखना है कि इस समस्या से कब निजात व्यापारियों एवं ग्राहको को मिलती है।
मण्डी परिसर में जगह-जगह भरा पानी
आलम यह है कि मण्डी परिसर में एक-दो जगह नही, बल्कि पेयजल टंकी का ओव्हर फ्लो पानी कई स्थानों में भरा हुआ है। गल्ला एवं सब्जी मण्डी के दुकानदार कई बार इस समस्या से कृषि उपज मण्डी के अमले को भी अवगत करा चुके हैं, परंतु इसका निदान एक पखवाड़े बाद भी नही हो पाया है। व्यापारियों ने इस ओर कलेक्टर का ध्यान आकृष्ट कराया है।
आवार पशुओं का अड्डा बना मण्डी परिसर
कृषि उपज मण्डी परिसर आवारा पशुओं का अड्डा बना हुआ है। आलम यह है कि मण्डी परिसर में दो-चार नही, बल्कि सैकड़ों की संख्या में 24 घंटे मवेश यही बने रहते हैं। गल्ला एवं सब्जी के थोक विके्रता बराबर पहरेदारी करने के लिए मजबूर हैं। इन पशुओं को यहां से खदेरने के लिए नगर निगम कोई कदम नही उठा रहा है।, जिससे यहां सांड भी लड़ते रहते हैं, जहां लोगों के लिए खतरा की भी आशंका बनी रहती है।
