नेपाल सरकार ने भारतीय वाहनों के लिए एक नई ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सेवा शुरू की है। अब पर्यटकों को सीमा पर लंबी कतारों में लगने की कोई आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
नेपाल सरकार ने भारत से सड़क मार्ग से आने वाले पर्यटकों के लिए एक बहुत ही शानदार सुविधा की शुरुआत की है। अब भारतीय वाहन आसानी से नेपाल जा सकते हैं और इस नई व्यवस्था के तहत पर्यटकों को सीमा पर घंटों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने कस्टम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर विदेशी पर्यटकों के वाहनों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की शुरुआत कर दी है।
इस महत्वपूर्ण ऑनलाइन सेवा का उद्घाटन बुधवार 6 मई 2026 को नेपाल के वित्त मंत्री डॉ स्वर्णिम वाग्ले ने किया है। यह नई व्यवस्था पर्यटकों की यात्रा को बहुत ही आसान और सुखद बनाएगी। अब पर्यटक अपने घर बैठे ही अपने वाहनों का सारा विवरण कस्टम विभाग की वेबसाइट पर आसानी से भर सकते हैं। इसके साथ ही वे अपना टैक्स भी पूरी तरह से ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
नेपाल सीमा पर जाम से मिलेगी राहत
पहले भारतीय पर्यटकों को अपने वाहनों की अस्थायी अनुमति लेने के लिए कस्टम नाके पर घंटों कतार में खड़ा होना पड़ता था। इससे यात्रियों को भारी परेशानी होती थी और सीमा क्षेत्रों में हमेशा भयंकर ट्रैफिक जाम रहता था। अब इस नई ऑनलाइन प्रणाली के लागू होने से पर्यटकों को काफी बड़ी राहत मिल गई है।
अगर नेपाल यात्रा के दौरान आपके परमिट की तय समय सीमा समाप्त हो जाती है तो कस्टम ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने होंगे। नई ऑनलाइन सेवा से पर्यटक नेपाल के अंदर से ही अपने वाहन पास को आसानी से रिन्यू कर सकते हैं। वे बिना किसी बाधा के अपना सारा भुगतान भी ऑनलाइन माध्यम से कर सकते हैं।
इस डिजिटल सुविधा का लाभ उठाने के लिए पर्यटकों को कस्टम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी जरूरी जानकारी भरनी होगी। वहां ‘हमारी सेवाएं’ सेक्शन के अंदर ‘अस्थायी वाहन आयात’ का विकल्प चुनना होगा। सारी जानकारी सही-सही भरने के बाद पर्यटकों को एक विशेष क्यूआर कोड प्राप्त हो जाएगा।
क्यूआर कोड दिखाना अनिवार्य होगा
टैक्स का भुगतान ऑनलाइन या सीधे बैंक काउंटर के जरिए बहुत ही आसानी से किया जा सकता है। नेपाल में एंट्री करते वक्त और यात्रा के दौरान सुरक्षा जांच में इसी क्यूआर कोड को दिखाना पूरी तरह अनिवार्य किया गया है। यह पूरी व्यवस्था अब डिजिटल, पारदर्शी और काफी अधिक प्रभावी बन चुकी है। वर्तमान में इस सेवा का सबसे अधिक लाभ भारत और बांग्लादेश से आने वाले पर्यटकों को मिलने की पूरी उम्मीद जताई गई है। भविष्य में चीन के रास्ते आने वाले वाहनों के लिए भी यह खास सुविधा शुरू की जाएगी। यह पहल नेपाल के पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाने में मदद करेगी।
