​गेहूं खरीदी में अव्यवस्था: सीहोर में ट्रैक्टरों की लंबी कतारें, वेयरहाउस फुल होने से थमी तौल की रफ्तार

सीहोर। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के दौरान जिले में अव्यवस्था की स्थिति बनती जा रही है. स्लॉट बुकिंग के बावजूद किसान तय तारीख से पहले ही उपज लेकर खरीदी केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, जिससे ट्रैक्टर-ट्रालियों की लंबी कतारें लग रही हैं. वहीं कई केंद्रों पर स्टोरेज की कमी और धीमी तौल प्रक्रिया से भी परेशानी बढ़ रही है.

जिले में इन दिनों समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी जोरों पर है, लेकिन व्यवस्था की कमी और किसानों की जल्दबाजी के कारण कई खरीदी केंद्रों पर हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं. स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था होने के बावजूद किसान दो-दो दिन पहले ही उपज लेकर पहुंच रहे हैं, जिससे केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं. भीषण गर्मी के बीच ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरी उपज के साथ इंतजार कर रहे किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

बुधवार को आपूर्ति अधिकारी आकाश चंदेल ने टीम के साथ इछावर और भैरूंदा क्षेत्र के खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया. इस दौरान कई केंद्रों पर अव्यवस्था सामने आई. कतारों में वो किसान भी खड़े मिले जिनका स्लॉट दो से तीन दिन बाद का था, लेकिन वे पहले ही पहुंच गए थे. अधिकारियों ने किसानों को समझाइश दी कि वे निर्धारित तारीख पर ही उपज लेकर आएं, ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे.

निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ खरीदी केंद्रों पर तौल कांटे कम चलाए जा रहे हैं, जिससे खरीदी की गति धीमी हो रही है. भैरूंदा के श्रीराम वेयर हाउस और मुकाती वेयर हाउस में विशेष रूप से अधिक भीड़ देखने को मिली. मुकाती वेयर हाउस पर दो सोसायटियों के किसान उपज लेकर पहुंच रहे हैं, जिससे वहां दबाव ज्यादा है. अधिकारियों ने तौल कांटों की संख्या बढ़ाने और व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए. चकल्दी क्षेत्र के खरीदी केंद्रों का भी निरीक्षण कर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए.

इछावर के अष्ट विनायक वेयर हाउस पर बुधवार को लंबी कतारें लगी रहीं. यहां 7, 8 और 9 मई के स्लॉट वाले किसान भी पहले ही पहुंच गए थे. अधिकारियों ने इसे अव्यवस्था का मुख्य कारण बताते हुए किसानों को सख्ती से निर्धारित स्लॉट का पालन करने की सलाह दी.

आष्टा क्षेत्र में कई वेयर हाउस पूरी तरह भर चुके है. अतिरिक्त स्टोरेज की व्यवस्था नहीं होने के कारण प्रशासन ने यहां से गेहूं का परिवहन शुरू कर दिया है. अब तक 15 गाडिय़ों के जरिए 3750 क्विंटल गेहूं का परिवहन किया जा चुका है. जिन केंद्रों पर भंडारण क्षमता पूरी हो चुकी है, वहां से लगातार परिवहन कराया जा रहा है ताकि खरीदी प्रक्रिया बाधित न हो और किसानों को राहत मिल सके. खरीदी के आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक जिले में लगभग 65 हजार किसानों से 4 लाख 20 हजार टन गेहूं खरीदा जा चुका है, जबकि इस वर्ष 7 लाख टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. वहीं करीब 92 हजार किसान स्लॉट बुक करा चुके हैं. हालांकि भुगतान की स्थिति अब भी चिंता का विषय बनी हुई है. अब तक 1096 करोड़ रुपये का गेहूं खरीदा जा चुका है, लेकिन किसानों के खातों में केवल 688 करोड़ रुपये ही पहुंच पाए हैं. यानी कुल भुगतान का मात्र 63 प्रतिशत ही किसानों को मिल सका है. शेष राशि के इंतजार में किसान आर्थिक दबाव झेल रहे हैं और जल्द भुगतान की मांग कर रहे हैं.

जिले के कई वेयर हाउस उपज से हुए खचाखच

जिले के जावर और इछावर क्षेत्रों में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के दौरान व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ गया है. कई वेयरहाउस उपज से भरने की स्थिति में पहुंच चुके हैं, जिससे किसानों को तौल के लिए 3 से 5 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा था. नादान स्थित नारंग वेयरहाउस पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लगी रहीं, जहां पहले 4 कांटों से तौल हो रही थी, अब दो और कांटे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. रिद्धि वेयरहाउस भरने के कारण वहां के किसानों को भी यहीं शिफ्ट किया गया, जिससे भीड़ और बढ़ गई. रामनगर के लक्ष्मी वेयरहाउस में भी करीब 30 ट्रॉलियां खड़ी मिलीं, जहां एक अतिरिक्त कांटा लगाने को कहा गया. जावर में सबसे अधिक समस्या बनी हुई है, क्योंकि यहां कई वेयरहाउस पूरी तरह भर चुके हैं और आसपास वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है. इछावर के अनंत और मां शारदा वेयरहाउस में भी सीमित जगह बची है.

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