
गुना। गुना कलेक्ट्रेट में बुधवार को खाद वितरण की ई-टोकन प्रणाली में आ रहीं तकनीकी खामियों नाराज किसानों ने जमकर हंगामा किया। सुरक्षाकर्मियों और किसानों के बीच तीखी झड़प और झूमाझटकी हुई, जिसमें कलेक्ट्रेट कार्यालय का कांच टूट गया और दरवाजा भी क्षतिग्रस्त हो गया। किसानों का आक्रोश इस बात पर था कि कलेक्टर साहब दफ्तर के अंदर मौजूद हैं, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा है।
किसान अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर चैंबर के सामने बैठने की जिद कर रहे थे। कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश करते समय सुरक्षा गार्डों ने उन्हें रोकने की कोशिश की और गेट लगा दिया। इसी गहमागहमी में कांच टूट गया। किसानों का दावा है कि कांच सुरक्षाकर्मियों की जल्दबाजी और गलती से टूटा है, उन्होंने जानबूझकर नुकसान नहीं पहुंचाया। वहीं, किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मी उन पर एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दे रहे हैं। किसानों के मुताबिक हंगामे की जड़ ऑनलाइन टोकन प्रणाली में आई तकनीकी खराबी है। कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने बताया कि उन्हें 6 मई की आखिरी तारीख का आॅनलाइन टोकन दिया गया था, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण खाद नहीं मिल सका। इससे पहले 4 और 5 मई को भी खाद का वितरण नहीं हो पाया था। किसानों की चिंता यह है कि यदि आज टोकन एक्सपायर हो गया, तो उन्हें दोबारा आॅनलाइन दुकानों पर पड़ रही भीड़ से गुजरना पड़ेगा और नई तारीख का इंतजार करना पड़ेगा। जिसमें काफी समय लग सकता है। हंगामे की सूचना मिलते ही तहसीलदार गौरीशंकर बैरवा, कैंट टीआई अनूप भार्गव और कृषि विभाग के प्रभारी उप संचालक संजीव शर्मा मौके पर पहुँचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। विभाग का कहना है कि समस्या केवल सर्वर डाउन होने की वजह से आई है। वहीं कृषि विभाग के अधिकारी संजीव शर्मा ने इस समस्या को लेकर भोपाल से सर्वर अपडेशन होने की जानकारी ली। उन्होंने दावा किया कि जिन किसानों का नंबर निकल गया है, उनके स्वत: ही नए टोकन जनरेट हो जाएंगे। किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने एक दिलचस्प लेकिन गंभीर तर्क दिया। उनका कहना था कि जब आईपीएल मैच एक साथ 50 करोड़ से ज्यादा लोग मोबाइल पर देखते हैं और साइट क्रैश नहीं होती, तो किसानों के लिए ऐसी मजबूत व्यवस्था क्यों नहीं की जा सकती? हालांकि किसानों ने टोकन प्रणाली को अच्छा बताया, लेकिन तकनीकी खामियों और वितरण के लिए कम समय दिए जाने पर गहरी नाराजगी भी जाहिर की।
