
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार में आगामी दिनों में जवाबदेही और प्रदर्शन का बड़ा आकलन होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8 से 10 मई के बीच मंत्रिपरिषद के सदस्यों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठकों की श्रृंखला शुरू करेंगे। यह कवायद ऐसे समय में हो रही है, जब सरकार 13 जून को अपने कार्यकाल के ढाई वर्ष पूरे करने वाली है।
इस तीन दिवसीय मंथन में हर मंत्री को अपने विभाग का ‘रिपोर्ट कार्ड’ पेश करना होगा, जिसमें योजनाओं की प्रगति, जमीनी असर, नवाचार और जिलों में हुए विकास कार्यों का ब्योरा शामिल रहेगा। बैठकों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और विभागीय प्रमुख भी मौजूद रहेंगे, जिससे प्रस्तुतीकरण केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक कसौटी पर भी परखा जाएगा।
राजनीतिक गलियारों में इस पूरी प्रक्रिया को संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल की पृष्ठभूमि के तौर पर भी देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन के जरिए सरकार यह तय कर सकती है कि किन विभागों में सुधार की जरूरत है और किन चेहरों को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
कुल मिलाकर, यह समीक्षा बैठक केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सरकार के अगले चरण की दिशा तय करने वाला अहम संकेत मानी जा रही है।
