महासमुंद, 06 मई (वार्ता) छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में मंगलवार रात आए अंधड़ और बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं किसानों की रबी सीजन की तैयार फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। तेज हवा और बारिश के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल नष्ट होने तथा कई खेतों में पानी भरने से फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। प्रभावित किसानों ने शासन-प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है।
जिला मुख्यालय से लगे कौंदकेरा, मुस्की, बनसिवनी, कांपा, गोपालपुर, सोरिद और परसदा (ब) सहित छह से अधिक गांवों में अंधड़ और बारिश का सबसे ज्यादा असर देखा गया। किसानों के अनुसार कई जगह 30 से 50 एकड़ तक की फसल प्रभावित हुई है। तेज हवाओं के चलते धान की फसल खेतों में गिर गई और दाने झड़ने से उत्पादन को भारी नुकसान हुआ है।
किसानों ने बताया कि फसल पूरी तरह तैयार थी और एक-दो दिनों में कटाई शुरू होने वाली थी लेकिन अचानक आए मौसम के बदलाव ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। विशेष रूप से पट्टे (रेघा) पर खेती करने वाले किसानों की स्थिति अधिक गंभीर हो गई है, क्योंकि उन्हें अब लागत और किराया दोनों की चिंता सता रही है।
इस संबंध में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने बताया कि फसल नुकसान की सूचना प्राप्त हुई है। सभी उपजिलाधिकारी को प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कर नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। आकलन के बाद नियमानुसार किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि जिले के छह तहसीलों में औसतन 17.3 मिमी बारिश दर्ज की गयी। महासमुंद में 22 मिमी, बागबाहरा में 25 मिमी, पिथौरा में 10.1 मिमी, बसना में 12.6 मिमी, सरायपाली में दो मिमी तथा कोमाखान में 32.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गयी।
