मोदी कैबिनेट का बड़ा आर्थिक प्रहार: गन्ने के दामों में भारी बढ़ोतरी और सेमीकंडक्टर-शिप रिपेयर हब के लिए हजारों करोड़ के मेगा प्लान को मिली मंजूरी

नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCEA) ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए सीजन 2026-27 के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) बढ़ाकर 365 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। यह दर 10.25 प्रतिशत रिकवरी पर आधारित है, जिससे देश के करीब 5 करोड़ किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही, कपास उत्पादन को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए 5,659 करोड़ रुपये की ‘मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी’ योजना को भी मंजूरी दी गई है। सरकार का लक्ष्य 2031 तक कपास उत्पादन को 498 लाख गांठ तक पहुंचाना और ‘कस्तूरी कॉटन भारत’ ब्रांड को दुनिया भर में स्थापित करना है।

भारत को ग्लोबल टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने 3,900 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली दो नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स को हरी झंडी दे दी है। यह कदम इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में देश की आयात पर निर्भरता को कम करेगा और उच्च कौशल वाली नौकरियों के हजारों नए अवसर पैदा करेगा। सरकार का यह मल्टी-सेक्टर अप्रोच देश के आर्थिक ढांचे को मजबूत करने और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग में भारत की स्थिति को विश्व पटल पर और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लिया गया है।

कैबिनेट ने गुजरात के वाडीनार में 1,570 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक शिप रिपेयर फैसिलिटी विकसित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के सहयोग से बनने वाले इस प्रोजेक्ट में 650 मीटर लंबी जेट्टी और फ्लोटिंग ड्राई डॉक जैसी सुविधाएं होंगी। इस मेगा हब के तैयार होने के बाद 300 मीटर तक के विशाल जहाजों की मरम्मत अब भारत में ही संभव हो सकेगी। यह परियोजना न केवल समुद्री व्यापार को गति देगी बल्कि भारत को वैश्विक शिपिंग मानचित्र पर एक प्रमुख मरम्मत केंद्र (Repair Hub) के रूप में स्थापित करेगी।

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