
सलामतपुर। जाको राखे साइयां, मार सके न कोय कहावत उस समय सच हो गई जब एक 80 साल का बुजुर्ग आत्महत्या करने के लिए ट्रेन के सामने खड़े होने के बाद भी चमत्कारी रूप से बच गया। इस घटना में ट्रेन ड्रायवर ने समझदारी दिखाते हुए ट्रेन रोक दी। जिससे बुजुर्ग की जान बच गई। यह घटना सलामतपुर थाने के रातातलाई रेल्वे फाटक के नज़दीक की रेल्वे पटरियों पर हुई है। सलामतपुर पुलिस से मिली जानकारी अनुसार उनको सूचना मिली थी कि कोई बुजुर्ग आत्महत्या करने के लिए ट्रेन के सामने खड़ा हो गया है। थाने से तत्काल प्रधान आरक्षक हेत सिंह मीणा, संजय सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक नवीन और आरक्षक रोहित गोस्वामी रातातलाई रेल्वे फाटक पर पहुंचे और बुजुर्ग को सलामतपुर थाने ले आए। बुजुर्ग ने अपना नाम लक्ष्मीनारायण दीक्षित पिता गेंदालाल दीक्षित 80 वर्ष निवासी बामोरा गांव थाना करारिया जिला विदिशा का होना बताया। उन्होंने बताया कि वह अपनी खेती की ज़मीन बिकने के बाद से बहुत दुखी हैं। इसलिए परेशान होकर आत्महत्या करने रेल्वे लाइनों पर खड़े हो गए थे। वो तो गनीमत रही कि भोपाल से विदिशा की और जा रही मालगाड़ी ट्रेन के ड्रायवर ने समय रहते ट्रेन को रोक दिया जिसकी वजह से बुजुर्ग की जान बच गई। और सांची स्टेशन मास्टर को घटना की जानकारी दी। स्टेशन मास्टर ने सांची थाने को सूचना दी। परंतु क्षेत्र सलामतपुर थाने का होने के कारण सलामतपुर पुलिस को सूचना दी गई।
बुजुर्ग के 8 लड़के, सूचना के बाद भी कोई नही पहुंचा थाने–
लक्ष्मीनारायण दीक्षित के 8 लड़के हैं। जिनमें से 3 बामोरा गांव में ही रहते हैं। और कुछ भोपाल और कुछ विदिशा जिले में रहते हैं। जब परिजनों को सलामतपुर पुलिस ने फ़ोन पर घटना की जानकारी दी तो 5 घंटे बाद भी कोई परिजन उन्हें लेने थाने नही पहुंचे। काफी समय होने के बाद पुलिस ही बुजुर्ग लक्ष्मीनारायण को उनके घर बामोरा गांव परिजन के सुपुर्द कर के आई। परिजनों ने बताया कि मंगलवार सुबह से ही उनका कुछ पता नही चल रहा था। हमने ढूंढा लेकिन कहीं नही मिले थे।
कुछ समय पहले ही 18 लाख रुपए में बिकी है ज़मीन–
बुजुर्ग लक्ष्मीनारायण दीक्षित की बामोरा गांव में खेती की ज़मीन थी। जो सभी लड़कों की सहमति से कुछ समय पहले ही 18 लाख रुपये में बेची गई है। ज़मीन बिकने के बाद ही बुजुर्ग सदमे और दुखी थे। बुजुर्ग की पत्नी का भी लगभग 1 वर्ष पहले ही देहांत हो चुका है। इसी बात से दुखी होकर उन्होंने इतना बड़ा कदम उठाया था।
इनका कहना है।
मंगलवार को सूचना मिली थी कि कोई व्यक्ति ट्रेन के सामने आत्महत्या करने गया है। मालगाड़ी के ड्रायवर ने बुजुर्ग को दूर से ही देख लिया था। और समझदारी दिखाते हुए ट्रेन रोक दी। जिससे लक्ष्मीनारायण दीक्षित की जान बच गई। परिजन सूचना के बाद भी थाने नही आए तो हमने बुजुर्ग को उनके घर पहुंचकर परिजनों से मिलवा दिया।
दिनेश सिंह रघुवंशी, थाना प्रभारी सलामतपुर।
लक्ष्मीनारायण बामोरा गांव में उनकी खेती की ज़मीन बिकने से दुखी थे। इसलिए उन्होंने आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाया होगा। उनके परिवार में 8 लड़के हैं। कुछ गांव में ही रहते हैं और कुछ अन्य स्थानों पर रहते हैं।
कोमल सिंह, जनपद सदस्य प्रतिनिधि वार्ड 8
