तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर: कांग्रेस ने ‘सेक्युलर सरकार’ के लिए टीवीके प्रमुख विजय को दिया समर्थन, भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए बनाई नई रणनीति

चेन्नई/नई दिल्ली | तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति ने एक नया मोड़ ले लिया है। कांग्रेस पार्टी ने राज्य में एक ‘धर्मनिरपेक्ष सरकार’ सुनिश्चित करने के लिए अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (TVK) को समर्थन देने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। मंगलवार देर रात तमिलनाडु कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की एक आपातकालीन जूम मीटिंग बुलाई गई, जिसमें एआईसीसी प्रभारी गिरीश चोडनकर और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने सर्वसम्मति से विजय को समर्थन देने का निर्णय लिया। पार्टी का मानना है कि तमिलनाडु के युवाओं की आवाज और जनादेश का सम्मान करना आवश्यक है।

चुनाव परिणामों में टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, लेकिन बहुमत के आंकड़े (118) से वह अभी भी 10 कदम दूर है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पुष्टि की कि विजय ने स्वयं कांग्रेस नेतृत्व से सरकार बनाने के लिए समर्थन मांगा था। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि उनका मुख्य उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी (BJP) या उसके किसी भी परोक्ष सहयोगी को तमिलनाडु की सत्ता से दूर रखना है। इससे पहले राहुल गांधी ने विजय से फोन पर बात कर उन्हें शानदार चुनावी जीत की बधाई दी थी, जिसके जवाब में विजय ने सार्वजनिक रूप से राहुल गांधी का आभार व्यक्त किया।

234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके को अब सरकार बनाने के लिए आवश्यक विधायकों का समर्थन जुटता दिख रहा है। वर्तमान में कांग्रेस के पास 5 सीटें हैं, जबकि अन्य छोटे दलों और निर्दलीयों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। पिछले चुनाव में डीएमके के साथ गठबंधन में रहने वाली कांग्रेस ने अब टीवीके के साथ जाने का फैसला करके पुराने समीकरणों को बदल दिया है। डीएमके को इस बार केवल 59 और एआईएडीएमके को 47 सीटें मिली हैं। कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि तमिलनाडु की भावनाओं और संविधान की रक्षा के लिए वे टीवीके की नई सरकार को मजबूती प्रदान करेंगे।

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