भोपाल। समावेशी आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय परामर्श भोपाल में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस परामर्श में विभिन्न विभागों के अधिकारी, विशेषज्ञ एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिन्होंने विशेष रूप से संवेदनशील वर्गों की आवश्यकताओं पर चर्चा की।
परामर्श का आयोजन राज्य आपदा आपात प्रतिक्रिया बल एवं संयुक्त राष्ट्र महिला संस्था द्वारा आपसी सहमति के तहत किया गया। इसका शुभारंभ होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन की महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने किया।
मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों के साथ उत्तराखण्ड, बिहार और भारतीय सेना के अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान आपदा की स्थिति में महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं त्वरित सहायता सुनिश्चित करने पर मंथन किया गया। मौके पर एक व्यापक एवं व्यवहारिक मानक संचालन प्रक्रिया तैयार कर उसका विमोचन भी किया गया।
श्रीमती श्रीवास्तव ने राहत एवं बचाव कार्यों, प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल और जनजागरूकता अभियानों में मानक संचालन प्रक्रिया के सख्ती से पालन पर जोर दिया।
सान्या सेठ ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय मॉडल बताया। वहीं संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष के विशेषज्ञों ने बहु-विभागीय समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
