
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कपास उत्पादकता मिशन को मंजूरी देते हुए कृषि क्षेत्र में बड़ा निर्णय लिया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे किसानों, कृषि अर्थव्यवस्था और वस्त्र उद्योग के लिए परिवर्तनकारी कदम बताया है।
करीब 5659.22 करोड़ रुपये के इस मिशन का उद्देश्य कपास की उत्पादकता, गुणवत्ता और किसानों की आय में वृद्धि करना है। इसके तहत अनुसंधान, नई तकनीकों और उन्नत खेती पद्धतियों को बढ़ावा दिया जाएगा। मिशन के प्रारंभिक चरण में 14 राज्यों के 140 जिलों में लगभग 24 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवर होगा, जिससे करीब 32 लाख किसान लाभान्वित होंगे।
सरकार ने 2031 तक कपास उत्पादकता को 440 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 755 किलोग्राम करने और उत्पादन को 297 लाख गांठों से बढ़ाकर 498 लाख गांठों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए उच्च उपज और जलवायु-प्रतिरोधी किस्मों के विकास पर जोर दिया जाएगा।
मंत्री चौहान ने बताया कि यह मिशन 5F विजन फार्म से फाइबर, फैक्ट्री, फैशन और फॉरेन को मजबूती देगा, जिससे किसान से उद्योग तक मजबूत मूल्य श्रृंखला बनेगी। साथ ही, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) देशों के साथ कृषि उत्पादों के सुरक्षित व्यापार और फाइटोसैनिटरी सहयोग को भी मंजूरी दी गई है, जिससे खाद्य सुरक्षा और कृषि संरक्षण तंत्र को बल मिलेगा।
सरकार का मानना है कि यह पहल न केवल कपास क्षेत्र को नई गति देगी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी मजबूत करेगी।
