​दोहरी मार: 40 डिग्री पारा और कटी बिजली, चोरों ने 18 खंभे काट कर छीना ग्रामीणों का चैन

सीहोर: इछावर क्षेत्र में चोरों ने सुनियोजित तरीके से बिजली विभाग को निशाना बनाते हुए बड़ी वारदात को अंजाम दिया. हालियाखेड़ी और मोलगा क्षेत्र में 18 बिजली खंभों को काटकर गिरा दिया गया और लाखों रुपये के बिजली तार चोरी कर लिए गए. इस घटना के बाद दर्जनों गांव अंधेरे में डूब गए हैं, जिससे भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

जिले में इन दिनों अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद नजर आ रहे हैं. बीती रात इछावर क्षेत्र के हालियाखेड़ी और मोलगा गांवों में चोरों ने सुनियोजित ‘सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए बिजली के बुनियादी ढांचे को ही तहस-नहस कर दिया. चोरों ने न केवल बिजली के तार काटकर चोरी किए, बल्कि 18 बिजली खंभों को भी काटकर धराशायी कर दिया. इस बड़ी घटना के बाद क्षेत्र के कई गांव पूरी तरह अंधेरे में डूब गए हैं. वर्तमान में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है, ऐसे में बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. घरों में पंखे और कूलर बंद हो गए हैं, वहीं पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है.गर्मी और अंधेरे के दोहरे संकट ने ग्रामीणों का जीवन मुश्किल कर दिया है.
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है. उनका कहना है कि क्षेत्र में यह कोई पहली घटना नहीं है. पिछले एक महीने के भीतर बिजली तार चोरी की यह दूसरी बड़ी वारदात है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस द्वारा गश्त और सुरक्षा व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि पुलिस सक्रिय रहती तो चोर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम नहीं दे पाते. घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय गश्त न होने के कारण ही चोरों ने इतने बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाया. 18 खंभों को काटना और तार चोरी करना कोई छोटी घटना नहीं है, इसके लिए समय और योजना दोनों की आवश्यकता होती है. इसके बावजूद पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी.
एक माह में तार चोरी की इस दूसरी घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है. लगातार हो रही ऐसी वारदातों से जहां एक ओर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं आम जनता भी इसका खामियाजा भुगतने को मजबूर है. अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर कैसे अंकुश लगाया जाता है.
विद्युत वितरण कंपनी को लाखों का नुकसान
बिजली विभाग को इस घटना से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है. विभाग के अधिकारियों के अनुसार, चोरी किए गए तारों की कीमत के साथ-साथ खंभों के क्षतिग्रस्त होने से बुनियादी ढांचे को भी भारी क्षति पहुंची है. बिजली व्यवस्था को पूरी तरह बहाल करने में समय लग सकता है, क्योंकि नए खंभे लगाना और तार बिछाना एक लंबी प्रक्रिया है. अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन पूरी तरह व्यवस्था सामान्य होने में कुछ दिन लग सकते हैं

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