यूएई का ईरान पर आरोप : होर्मुज जलडमरूमध्य में एडनॉक टैंकर पर ड्रोन से हमला किया

अबू धाबी, 04 मई (वार्ता) संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने सोमवार को अबू धाबी की सरकारी तेल कंपनी एडनॉक से संबद्ध एक टैंकर को निशाना बनाये जाने की कड़ी निंदा की है और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते वक्त हुए इस हमले को ‘ईरानी आतंकवादी हमला’ करार दिया है।

यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा कि जब टैंकर जलडमरूमध्य से गुजर रहा था, तब उसे दो ईरानी ड्रोनों ने निशाना बनाया। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। मंत्रालय ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना और होर्मुज जलडमरूमध्य का उपयोग ‘आर्थिक दबाव या ब्लैकमेल के हथियार के रूप में करना ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की समुद्री डकैती की है।”

यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गाश ने ‘एक्स’ पर लिखा है, “ये हमले इस बात की पुष्टि करते हैं कि क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए ईरानी खतरा लगातार बना हुआ है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”

यूएई का यह बयान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में बढ़ते तनाव के बीच आया है।

यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य अमेरिका-ईरान के बीच तनाव का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के आदेश के बाद यह स्थिति बनी है। इसके तहत अमेरिकी सेना मिसाइल विध्वंसक पोतों और 100 से अधिक विमानों का उपयोग कर इस रणनीतिक गलियारे से व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा प्रदान करेगी।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को घोषणा की कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में ‘अमेरिकी धमकियों का जवाब देने’ को तैयार है। ट्रंप के ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ की घोषणा के बाद ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते गतिरोध के कारण यह रणनीतिक जलमार्ग तनाव का नया केंद्र बन गया है।

अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘मेहर’ के जारी बयान में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने ईरान को इस जलडमरूमध्य का ‘अभिभावक और रक्षक’ बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षित मार्ग चाहने वाले किसी भी जहाज को ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय करना होगा। उन्होंने कहा, “जहाज और शिपिंग कंपनियां अच्छी तरह जानती हैं कि अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें ईरान के सक्षम अधिकारियों के साथ समन्वय की आवश्यकता है।” उन्होंने जोर दिया कि कानून का पालन करने वाले देशों के पास अमेरिका की ‘अवैध कार्रवाइयों’ का पालन करने का कोई कारण नहीं है।

वैश्विक व्यापार की जीवन रेखा पर अपना नियंत्रण जताते हुए ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य का एक नया नक्शा जारी किया है। ईरान ने इस क्षेत्र में अपने नियंत्रण क्षेत्र को नये सिरे से परिभाषित किया है, जो ईरान के माउंट मुबारक के दक्षिण से लेकर यूएई के फुजैराह के दक्षिण तक और ईरान के केश्म द्वीप के पश्चिम से यूएई के उम्म अल-कुवैन तक फैला हुआ है।

ईरान-अमेरिका के बीच राजनयिक वार्ता और प्रस्तावों के आदान-प्रदान की बात स्वीकारते हुए श्री बघाई ने पुष्टि की कि ईरान को पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका का एक जवाबी प्रस्ताव मिला है, जिसका उद्देश्य युद्ध समाप्त करना है। उन्होंने विवरण साझा करने से इनकार कर दिया और कहा कि मामला अभी विचाराधीन है। उन्होंने उल्लेख किया कि अमेरिका की ‘अत्यधिक और अनुचित मांग’ करने की आदत के कारण इस प्रस्ताव का आकलन करना कठिन हो गया है। उन्होंने परमाणु वार्ता के बारे में मीडिया रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया और उनमें से ज्यादातर को ‘अटकल’ करार दिया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान वर्तमान में केवल एक ही चीज पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और वह है शत्रुता की पूर्ण समाप्ति। उन्होंने कहा कि बातचीत की दिशा हमें इससे आगे भी ले जा सकती है, लेकिन इसका फैसला बाद में किया जायेगा।

इस बीच होर्मुज में कार्रवाई की अमेरिकी सैन्य धमकियों के कारण जमीनी स्तर पर आईआरजीसी के तेवर काफी कड़े और कम राजनयिक थे। प्रवक्ता सरदार मोहेब्बी ने चेतावनी दी कि ईरान के पारगमन प्रोटोकॉल का पालन करने में विफल रहने वाले किसी भी जहाज को ‘बलपूर्वक रोका जायेगा’। उन्होंने कहा कि जो जहाज आईआरजीसी नौसेना के साथ समन्वय करेंगे और निर्धारित मार्गों का पालन करेंगे, वे ‘सही-सलामत’ यात्रा करेंगे, लेकिन इन मानकों के बाहर होने वाली किसी भी गतिविधि को ‘गंभीर जोखिमों का सामना करना पड़ेगा’। उन्होंने सभी शिपिंग कंपनियों और परिवहन बीमाकर्ताओं से आईआरजीसी की घोषणाओं को गंभीरता से लेने का आग्रह किया।

होर्मुज में फंसे जहाजों वाले देशों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए अमेरिका के नेतृत्व वाले ‘जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर’ ने जहाजों को ओमान के क्षेत्रीय जल क्षेत्र से होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की सलाह दी है। केंद्र का कहना है कि उसने वहां ‘उन्नत सुरक्षा क्षेत्र’ स्थापित किया है।

यह स्पष्ट नहीं है कि कोई जहाज होर्मुज को पार करने की कोशिश कर रहा है या नहीं या शिपिंग कंपनियां और उनके बीमाकर्ता यह जोखिम लेने में सहज महसूस करेंगे या नहीं, क्योंकि ईरान ने जलमार्ग में जहाजों पर गोलियां चलायी हैं और ऐसा करना जारी रखने का संकल्प लिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने हालांकि कहा है कि ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ की शुरुआत के बाद से अमेरिकी ध्वज वाले दो व्यापारिक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर चुके हैं।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ ने जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही बहाल करने के राष्ट्रपति ट्रंप के ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को ‘प्रलाप’ करार दिया है।

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