नयी दिल्ली, 04 मई (वार्ता) द्रोणाचार्य भूपेंद्र धवन के शिष्य सुरेंद्र सिंह और गुरदित सिंह ने 1 से 3 मई 2026 तक जर्मनी के बिटबर्ग में आयोजित जर्मन पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भारत के लिए गौरव हासिल किया। एक ऐतिहासिक पल में, द्रोणाचार्य भूपेंद्र धवन के शिष्य सुरेंद्र सिंह और गुरदित सिंह ने जर्मन पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भारत के लिए 7 स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। सुरेंद्र सिंह ने मास्टर्स बेंचप्रेस में 1 स्वर्ण, ओपन बेंचप्रेस में 1 स्वर्ण, मास्टर्स डेडलिफ्ट में 1 स्वर्ण और ओपन डेडलिफ्ट में 1 स्वर्ण पदक जीता।
गुरदित ने फुल पावरलिफ्टिंग जूनियर श्रेणी में डेडलिफ्ट (290 किलोग्राम), बेंचप्रेस (160 किलोग्राम) और स्क्वैट्स (250 किलोग्राम) के साथ कुल 700 किलोग्राम भार उठाकर 1 स्वर्ण पदक जीता; इसके अलावा उन्होंने सिंगल बेंचप्रेस में 162.5 किलोग्राम भार उठाकर 1 स्वर्ण और सिंगल डेडलिफ्ट में 285 किलोग्राम भार उठाकर 1 स्वर्ण पदक हासिल किया। इस उपलब्धि पर द्रोणाचार्य भूपेंद्र धवन ने कहा,”द्रोणाचार्य द जिम’ के 37 वर्ष पूरे। दो पीढ़ियां, और अब भी भारत के लिए जीत हासिल कर रही हैं; मेरे सबसे पुराने शिष्यों में से एक सुरेंद्र सिंह ने 4 स्वर्ण और मेरे सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय एथलीट गुरदित सिंह ने 3 स्वर्ण पदक जीते हैं। हमें अपनी बनाई इस विरासत पर गर्व है; यह मेरे लिए जन्मदिन का सबसे बेहतरीन तोहफ़ा है।”
आईपीएल इंडिया के अध्यक्ष, ओम प्रकाश अंग्रिश ने भारतीय टीम के कोच द्रोणाचार्य भूपेंद्र धवन के शिष्यों को बधाई दी और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएँ दीं। पूरी भारतीय टीम ने अपने कोच द्रोणाचार्य भूपेंद्र धवन, साथ ही आईपीएल इंडिया और ‘शेरू क्लासिक वर्ल्ड’ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा,“हमने यह सफलता आप सभी के सहयोग से हासिल की है। हम इस सफलता का पूरा श्रेय हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए ‘खेलो इंडिया – फिट इंडिया’ अभियान को समर्पित करते हैं।”

