गुवाहाटी | असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए आज सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतगणना के शुरुआती रुझानों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले एनडीए ने अब तक के रुझानों में 100 सीटों पर बढ़त बनाकर विपक्षी खेमे को पछाड़ दिया है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, बीजेपी अकेले 79 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि सहयोगी दल एजीपी और बीपीएफ भी अपनी स्थिति मजबूत किए हुए हैं। इसके विपरीत, कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन महज 25 सीटों पर सिमटता नजर आ रहा है। इन रुझानों से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि असम की जनता ने एक बार फिर विकास और निरंतरता के पक्ष में मतदान किया है।
रुझानों में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अपनी पारंपरिक सीट जालुकबारी से भारी अंतर के साथ आगे चल रहे हैं, जिससे उनके समर्थकों में भारी उत्साह है। दूसरी ओर, कांग्रेस के प्रमुख चेहरे और मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार गौरव गोगोई जोरहाट सीट से पिछड़ते नजर आ रहे हैं, जो विपक्ष के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले प्रद्युत बोरदोलोई भी दिसपुर सीट से बढ़त बनाए हुए हैं। क्षेत्रीय दलों में रायजोर दल और एआईयूडीएफ अब तक उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में विफल रहे हैं, जिससे भाजपा की हैट्रिक की राह आसान होती दिख रही है।
असम में इस बार 9 अप्रैल को हुए एक ही चरण के चुनाव में 85.91 प्रतिशत की ऐतिहासिक वोटिंग दर्ज की गई थी, जिसके परिणाम अब सामने आ रहे हैं। 35 जिलों के 40 मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती जारी है। सत्तारूढ़ गठबंधन की इस बढ़त ने राज्य में पिछले दो कार्यकालों के प्रति जनसमर्थन को मजबूती से दर्शाया है। यदि ये रुझान अंतिम नतीजों में बदलते हैं, तो असम के इतिहास में यह पहली बार होगा जब कोई गैर-कांग्रेसी गठबंधन लगातार तीसरी बार सत्ता पर काबिज होगा। फिलहाल, मतगणना केंद्रों के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया है।

