
सीधी। जिले की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को सशक्त पहचान दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा महिला किसान चौपाल का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के किसान कल्याण वर्ष की परिकल्पना को साकार करते हुए आयोजित इस पहल ने जिले में महिला सशक्तिकरण और कृषि नवाचार को नई दिशा दी है।
जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है, जिसमें महिलाओं का योगदान 60 प्रतिशत से भी अधिक है। खेतों में बीज बोने से लेकर फसल कटाई, संरक्षण और विपणन तक महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रहती है। इसी भूमिका को सम्मान और पहचान देने के लिए कुसमी विकासखंड के आदिवासी अंचल पोड़ी में यह विशेष चौपाल आयोजित की गई। कार्यक्रम में सांसद डॉ.राजेश मिश्रा एवं विधायक धौंहनी कुंवर सिंह टेकाम द्वारा महिला कृषकों का पुष्पवर्षा कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद डॉ.राजेश मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने और कृषि को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की योजनाएं अब अंतिम पंक्ति के किसान तक पहुंच रही हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। महिला किसान चौपाल जैसे आयोजन उन्हें नई जानकारी, आत्मविश्वास और अवसर प्रदान कर रहे हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
धौंहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा घोषित किसान कल्याण वर्ष प्रदेश के किसानों, विशेषकर महिला कृषकों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। उन्होंने कुसमी क्षेत्र की आदिवासी महिला किसानों की सराहना करते हुए कहा कि वे प्राकृतिक और जैविक खेती में नवाचार कर पूरे जिले के लिए प्रेरणा बन रही हैं। लखपति दीदी जैसे मॉडल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिला किसान चौपाल केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने का अभियान है जो उन्हें अपने अधिकारों और अवसरों के प्रति जागरूक कर रहा है। कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि कुसमी के दूरस्थ ग्राम पोड़ी में आयोजित यह चौपाल महिला किसानों के लिए एक प्रभावी संवाद मंच साबित हुई। इसके माध्यम से विभिन्न योजनाओं, जैविक खेती, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन और बाजार से जुड़ाव जैसे विषयों पर सार्थक चर्चा हुई है। कार्यक्रम के दौरान महिला कृषकों को मूंग के बीज वितरित किए गए तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला किसानों को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।
महिला किसान चौपाल में गूंजी खेती की स्वर लहरियां
कार्यक्रम के दौरान महिला कृषक रितु सिंह ने स्थानीय लोकभाषा में प्रेरणादायक गीत प्रस्तुत कर प्राकृतिक खेती का प्रभावी संदेश दिया। उन्होंने गुड़, गोबर, गौमूत्र एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से शून्य लागत खेती अपनाने तथा रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग पर जोर दिया।
