इंदौर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इंदौर में जून 2026 में ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक और कृषि कार्य समूह AWG की बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि 9 से 11 जून तक समूह की बैठक होगी और 12 व 13 जून को ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्री कृषि और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी साथ थे ।
शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और बताया कि आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप, भव्य और सुव्यवस्थित बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि यह सम्मेलन भारत की कृषि क्षमता, नवाचार और वैश्विक नेतृत्व को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर होगा।
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देश कृषि के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि, 68 प्रतिशत छोटे किसान और करीब 45 प्रतिशत अनाज उत्पादन इन देशों से जुड़ा है। इसी कारण यह बैठक वैश्विक कृषि नीति और खाद्य सुरक्षा के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
ब्रिक्स समूह में भारत, ब्राज़ील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब शामिल हैं। इसके अलावा कई साझेदार देश भी इस मंच से जुड़े हुए हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस सम्मेलन में खाद्य सुरक्षा, जलवायु अनुकूल खेती, कृषि व्यापार, डिजिटल कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, आपूर्ति श्रृंखला, अनुसंधान और किसान कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बदलते जलवायु हालात, बढ़ते तापमान और अनियमित वर्षा को देखते हुए टिकाऊ और आधुनिक कृषि प्रणाली विकसित करना आज की आवश्यकता है। इस सम्मेलन से सदस्य देशों के बीच कृषि सहयोग और तकनीकी आदान-प्रदान को मजबूती मिलेगी।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इंदौर केवल बैठक स्थल नहीं रहेगा, बल्कि भारत की कृषि परंपरा, मालवा की संस्कृति और मध्यप्रदेश की मेहमाननवाज़ी का वैश्विक परिचय भी देगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस आयोजन को मध्यप्रदेश के किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ा अवसर बताया है।
