जबलपुर: मझौली थाना अंतर्गत वार्ड नं. 5, खिरवा रोड स्थित भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन लिमिटेड की शाखा में पदस्थ तीन कर्मचारियों ने ही बैंक और सैकड़ों महिलाओं के साथ विश्वासघात कर लाखों की चपत लगा दी है। तीन फील्ड ऑफिसर्स ने न केवल कलेक्शन की राशि हड़पी, बल्कि बायोमेट्रिक मशीन का दुरुपयोग कर महिलाओं के खातों से चुपके से रकम भी निकाल लिए।
पुलिस के मुताबिक भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन लिमिटेड मझौली शाखा प्रबंधक मुकेश पटेल ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि संगम मैनेजर दुर्गेश गौंड, मनीष लोधी और सजल चौरसिया ने मिलकर ठगी की योजना बनाई। आरोपियों ने ग्रामीण महिलाओं को झांसा दिया कि उनके लोन स्टेटस को चेक करने के लिए बायोमेट्रिक लगाना अनिवार्य है। जैसे ही भोली-भाली महिलाओं ने मशीन पर अंगूठा लगाया, उनके खातों से लोन की राशि और प्री-पेमेंट के पैसे आरोपियों ने अपने पास ट्रांसफर कर लिए।
बैंक को लगाई 10 लाख की चपत
आरोपियों ने 25 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2025 के बीच इस पूरी हेराफेरी को अंजाम दिया। ऑडिट में सामने आया है कि सजल चौरसिया ने सबसे अधिक 5,01,927 रुपये का गबन किया। दुर्गेश गौंड ने 2,61,185 रुपये डकारे। मनीष लोधी ने 2,03,581 रुपये की धोखाधड़ी की। जब ब्रांच मैनेजर ने गबन पकड़े जाने पर तीनों आरोपियों से संपर्क किया, तो उन्होंने पैसे लौटाने के बजाय साफ कहा- पैसे नहीं लौटाएंगे, तुम्हें जहां शिकायत करनी है कर दो। इसके बाद से ही तीनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
