नई दिल्ली | 07 जनवरी, 2026: देश के आम बजट की तारीख को लेकर इस बार असमंजस की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि 1 फरवरी 2026 को रविवार है। साथ ही, इस दिन गुरु रविदास जयंती के उपलक्ष्य में राजपत्रित अवकाश (Gazetted Holiday) भी है। सामान्यतः 1 फरवरी को बजट पेश करने की 9 साल पुरानी परंपरा रही है, लेकिन छुट्टी और रविवार के संयोग ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या सरकार इस परंपरा को कायम रखेगी या बजट की तारीख आगे बढ़ाई जाएगी। आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट कमेटी ऑन पार्लियामेंट्री अफेयर्स (CCPA) की बैठक में इस पर अंतिम फैसला लिया जाना है।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार 2017 से चली आ रही 1 फरवरी की परंपरा को तोड़ने के पक्ष में नहीं है। इससे पहले 2025 में भी शनिवार के दिन अंतरिम बजट पेश किया जा चुका है। ऐतिहासिक रूप से देखें तो 28 फरवरी 1999 को तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने रविवार के दिन ही सुबह 11 बजे बजट पेश करने की नई परिपाटी शुरू की थी। CCPA की बैठक में इस बात पर चर्चा होगी कि क्या शेयर बाजार की बंदी और सार्वजनिक अवकाश के बीच संसद की कार्यवाही चलाकर बजट पेश किया जाए या सत्र की शुरुआत 28 जनवरी से कर बजट की तारीख में बदलाव किया जाए।
चर्चा है कि बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ हो सकती है। यदि CCPA 1 फरवरी के पक्ष में फैसला लेती है, तो यह वित्त मंत्रालय और संसद के लिए एक व्यस्त रविवार होगा। 2017 में अरुण जेटली द्वारा शुरू की गई इस परंपरा का मुख्य उद्देश्य नए वित्त वर्ष की शुरुआत से पहले सभी बजटीय प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करना है। आज की बैठक के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना आठवां बजट रविवार को पेश कर इतिहास दोहराएंगी या कोई नया बदलाव देखने को मिलेगा।

